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महेंद्रगढ़ साइबर क्राइम ने किया सीएससी ठगी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

Published: Tue, 13 Oct 2026 02:46 PM (IST)

महेंद्रगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने सीएससी केंद्र संचालकों के खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कर नकदी लेने वाले दो आरोपियों विनय यादव और गितेश को गिरफ्तार किया है।

महेंद्रगढ़ साइबर क्राइम ने किया सीएससी ठगी का खुलासा ( एआई जेनरेटेड इमेज )

महेंद्रगढ़ साइबर क्राइम ने किया सीएससी ठगी का खुलासा ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. सीएससी खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर।

  2. नकदी लेकर बदले में खाते फ्रीज करवाए।

  3. महेंद्रगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा।

जागरण संवाददाता, नारनौल। थाना साइबर क्राइम महेंद्रगढ़ की टीम ने सीएससी केंद्र संचालकों के खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करवाकर बदले में नकदी लेने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

बैंक रिकार्ड, मोबाइल विवरण और सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस आरोपितों तक पहुंची। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विनय यादव और गितेश, दोनों निवासी गणेशपुरा, थाना खेतड़ी, जिला झुंझुनूं, राजस्थान के रूप में हुई है।

मोबाइल सिमकार्ड जब्त

दोनों से दो मोबाइल फोन सिमकार्ड सहित कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में रकम पहले केंद्र संचालकों के खातों में पहुंचती थी और उसके बदले नकदी ले ली जाती थी।

संचालकों को धोखाधड़ी का पता तब चला, जब प्राप्त रकम साइबर शिकायतों से संबंधित निकली और उनके बैंक खातों पर होल्ड लग गया। बेवल और भोजावास के तीन केंद्र संचालकों ने इस तरह कुल 3 लाख 97 हजार 650 रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी।

शिकायतकर्ता संजय कुमार निवासी बेवल ने बताया कि सात जुलाई को एक युवक उसके सीएससी सेंटर पर आया। युवक ने भैंस खरीदने के लिए 50 हजार रुपये नकद चाहिए होने की बात कही और केंद्र के क्यूआर कोड पर रकम ट्रांसफर करवा दी।

बैंक खाता फ्रीज होने का पता चला

खाते में रुपये आने पर संचालक ने उसे नकदी दे दी। इसके बाद युवक ने दोबारा संपर्क किया और सात व आठ जुलाई को कई लेनदेन के माध्यम से कुल 2 लाख 62 हजार 930 रुपये नकद ले गया।

अगले दिन संजय को किसी अन्य व्यक्ति को रुपये भेजते समय अपना बैंक खाता डेबिट फ्रीज होने का पता चला। बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि युवक द्वारा ट्रांसफर करवाई गई रकम पर साइबर शिकायतों के चलते होल्ड लगा है।

आसपास के केंद्र संचालकों से बात करने पर भोजावास स्थित अन्य सीएससी सेंटर के संचालक कृष्ण सिंह के साथ 31 हजार रुपये और आरआर कम्युनिकेशन की संचालक बबली के साथ एक लाख तीन हजार 720 रुपये की इसी तरह धोखाधड़ी होने की जानकारी मिली। तीनों की शिकायत पर 22 जुलाई को थाना साइबर क्राइम नारनौल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने तीनों केंद्रों के बैंक खातों का रिकार्ड जुटाया और संबंधित मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल व ग्राहक विवरण की पड़ताल की। समन्वय पोर्टल पर जांच में इन खातों से संबंधित कुल नौ साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं।

विनय यादव गिरफ्तार

पुलिस ने बेवल स्थित सीएससी सेंटर की घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लेकर साक्ष्यों का मिलान किया। सीसीटीवी फुटेज और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर विनय यादव को गिरफ्तार किया गया।

उससे पूछताछ और आगे की जांच में गितेश की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से कब्जे में लिए गए मोबाइल फोन तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि रकम के लेनदेन और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

दोनों आरोपितों को 12 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया। गितेश से आगे पूछताछ तथा रकम व अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत और विनय यादव की 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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