संवाद सहयोगी, महेंद्रगढ़:

नांदी सामुदायिक जल परियोजना एवं डनोन नेशन कप के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च विद्यालय कुराहवटा में जल एव पर्यावरण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें नांदी सामुदायिक जल परियोजना के सामुदायिक विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, स्वच्छ जल के महत्व और हैंडवाश के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आज मानविकी कारणों से जल प्रदूषित होने के कारण 63 प्रतिशत संक्रामक बीमारियां दूषित जल के प्रयोग के कारण होती हैं। हमें अपने दैनिक व्यवहार में परिवर्तन करके जल संरक्षण की आवश्यकता है। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के मुख्यअध्यापक कैलाश पाली ने बच्चों से आह्वान किया कि हमे प्लास्टिक का कम प्रयोग करना चाहिए तथा प्लास्टिक बैग और थैलियों के स्थान पर कपड़े के थैलों का प्रयोग करना चाहिए। प्लास्टिक कचरे के कारण उर्वरक भूमि बंजर बनती जा रही है। भूमि पर पड़े एक प्लास्टिक पदार्थ को गलने में 300 वर्ष तक का समय लगता है। इस अवधि तक इस पदार्थ में विभिन्न जहरीले रसायन धरती में अवशोषित होते रहते है। अत: हमें प्लास्टिक वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने डीएनसी एवं नांदी जल परियोजना के इस जागरूकता मुहिम की सराहना की। इस अवसर पर सुशीला, अशोक, स्नेहलता, विनोद कुमार एव नांदी जल केंद्र प्लांट आपरेटर करतार सिंह, प्रेम कुमार ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एव कोविड से बचाव के बारे में जागरूक किया गया।

Edited By: Jagran