हरियाणा BJP में अंदरूनी खींचतान, राव इंद्रजीत खेमे की दूरी से बढ़ी चिंता, CM सैनी के कार्यक्रम पर टिकी नजरें
हरियाणा में आगामी चुनावों से पहले भाजपा के भीतर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, खासकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दक्षिण हरियाणा में सक्रियता बढ़ी है।

नायब सिंह सैनी।
HighLights
मुख्यमंत्री नायब सैनी दक्षिण हरियाणा में राजनीतिक खाई पाटने में जुटे।
राव इंद्रजीत सिंह खेमा मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से बना रहा दूरी।
भाजपा के भीतर नेताओं में तीखी बयानबाजी और आंतरिक कलह।
बलवान शर्मा, नारनौल। बेशक हरियाणा में अभी चुनाव ढाई साल बाद होंगे पर राजनेताओं ने अभी से रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसका असर राजनीतिक दौरों और राजनेताओं के बयानों से साफ झलक रहा है। हर कोई अपनी जमीन मजबूत करने में जुटा है तो विरोधियों को कमजोर करने की कवायद पर्दे के पीछे चल रही है।
हरियाणा की सत्ता बनाने वाले दक्षिण हरियाणा की राजनीति पिछले दो माह से गर्माई हुई है। इस गर्माहट के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सक्रियता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री 17 सितंबर को तीसरी बार महेंद्रगढ़ जिले में आ रहे हैं तो रेवाड़ी में भी दो बार बड़े कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पार्टी के नेताओं के बीच पैदा हुई राजनीतिक खाई को पाटने में लगे हैं।
समर्थक दिखाई नहीं दिए
मुख्यमंत्री के महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में केवल एक कार्यक्रम को छोड़ दें तो तीन में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उनके समर्थक दिखाई नहीं दिए। नारनौल में नौ अगस्त को आयोजित की गई हाफ मैराथन में ही स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव शामिल हुई थीं।
इसके बाद 23 अगस्त को लाजिस्टिक हब के रेल यार्ड के उदघाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री नहीं पहुंच पाई थी। हालांकि उस समय बताया गया था कि स्वास्थ्यमंत्री का पहले से कोई और कार्यक्रम निर्धारित था।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूरी बनाई
संभावना जताई जा रही है कि 17 सितंबर को महेंद्रगढ़ में होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री पहुंच सकती हैं। अब इसे संयोग कहें या फिर कोई राजनीतिक मायने निकाले जाएं कि 23 अगस्त के कार्यक्रम के बाद रेवाड़ी में हुई हाफ मैराथन में भी स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दूरी बनाई हुई थी।
इससे पहले गुरुग्राम के एक कार्यक्रम की बयानबाजी पूरे हरियाणा में चर्चा का विषय बन गई थी। इन दोनों कार्यक्रमों से पहले केंद्रीय कृषिमंत्री के कार्यक्रम में भी केंद्रीय मंत्री व उनके समर्थकों ने उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई थी। इसी वजह से कयास लगाए जाने लगे। इन तमाम हलचलों के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दक्षिण हरियाणा में अपनी सक्रियता को एकाएक बढ़ा दिया है।
बड़ी राजनीतिक हलचल का संकेत
सवाल उठता है कि क्या दक्षिण हरियाणा में मुख्यमंत्री की सक्रियता किसी बड़ी राजनीतिक हलचल का संकेत दे रही है। माना जा रहा है कि खेमेबाजी में जोर देने वाले नेताओं को पार्टी के लिए एकजुट करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यहां यह भी स्पष्ट कर दें कि हरियाणा का राजनीतिक इतिहास बता रहा कि दक्षिण हरियाणा जिस ओर करवट लेता है, उसी की सूबे में सरकार बनती है।
वर्तमान में भाजपा में ही रहकर कई नेता एक दूसरे को पसंद नहीं कर रहे हैं। नेताओं के बीच तीखे व्यंग्य चल रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह के विरोधी खेमे में शामिल पूर्व सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह के स्वर लगातार मुखर हो रहे हैं।
नांगल चौधरी में बयान दिया
उन्होंने 14 अगस्त को नांगल चौधरी में बयान दिया था कि दक्षिण हरियाणा के नेता आज भी बलिदानी राव तुलाराम के कंधे पर सवार होकर राजनीति कर रहे हैं। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने नारनौल में जन्माष्टमी के कार्यक्रम में बयान दिया था कि कुछ लोगों को राव तुलाराम के नाम से पेट में दर्द होता रहता है।
इसके बाद डॉ. अभय सिंह ने मीडिया के सामने फिर बयान दिया था कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तो प्लासी वाली लड़ाई लड़ रहे हैं। आने वाले समय में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों में मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता भविष्य की राजनीति काे नया आधार देने का कार्य करेगी।
