जागरण संवाददाता, नारनौल: शुक्रवार को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला प्रधान हवा सिंह व जिला सचिव, अमीलाल गुर्जर के नेतृत्व में जिला उपायुक्त के सीटीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नई पेंशन स्कीम रद कर पुरानी व्यवस्था लागू करने के बारे में, नई शिक्षा नीति को रद करने, शिक्षा नीति को गुणवत्ता पूर्वक वह पूरी तरह निश्शुल्क करना सभी स्थाई कर्मचारियों को, पक्का करना, केंद्र की सरकार नई शिक्षा नीति 2020 की आड़ में शिक्षा के सार्वजनिक ढांचे को पूरी तरह बर्बाद करने पर तुली हुई है। संसद में बहस कराए बिना ही शिक्षा नीति को देश पर थोपा जा रहा है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पिछले साल से इसके दुष्परिणामों को देखते हुए इसे वापस लेने की मांग करता आ रहा है। वर्ष 2016-19 की एलटीसी पेंडिग है और इतना समय बीत जाने पर भी सेकेंडरी का आधा अधूरा बजट जारी किया है। प्राइमरी और माध्यमिक का कोई बजट जारी नहीं किया गया। कोरोना में काल के ग्रास बने शिक्षकों व कर्मचारियों को उचित सहायता देने, शिक्षा विभाग में खाली पड़े सभी प्रकार के शिक्षक व गैर शिक्षक पदों को शीघ्र भरना, पदोन्नति अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य न करवाए जाएं, 1983 पीटीआइ पूर्णतया बेकसूर है, उनको सहानुभूति पूर्वक विचार करके दोबारा नियुक्ति की जाए। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव महेंद्र सिंह बोयत, कौशल कुमार जिला सर्व कर्मचारी संघ प्रधान, दिनेश कुमार यादव पूर्व राज्य प्रधान अतिथि अध्यापक संघ, धर्मपाल शर्मा पूर्व राज्य सचिव हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, रविशंकर खंड नांगल चौधरी के सचिव, लेख राम रावत सर्व कर्मचारी संघ के ब्लाक प्रधान नांगल चौधरी, इंद्रजीत सीताराम, जितेंद्र यादव प्रवक्ता, राजपाल सैनी शास्त्री, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, दलीप सिंह उपस्थित रहे।

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