जागरण संवददाता, महेंद्रगढ़ : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में अपनी मांगों को लेकर बीटेक के विद्यार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को नौंवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगातार आंदोलन खत्म करने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। कभी पत्र के माध्यम से तो कभी अभिभावकों के पास मैसेज भेजकर। लेकिन जब तक कुलपति महोदय द्वारा लिखित में आश्वासन नहीं दिया जाता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

केंद्रीय विश्वविद्यालय में अपनी जायज मांगों को लेकर बीटेक के विद्यार्थी पिछले नौ दिनों से आंदोलनरत है। विद्यार्थियों का आरोप है की विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन ने उनकी मांगों की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया। प्रशासन की बेरुखी के चलते उन्हें दोबारा आंदोलनरत होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा रविवार रात 9 बजे डीन द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ मांगों को मानने का

पत्र लिखित में दिया गया, लेकिन विद्यार्थी इस बात से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जिन मांगों को लेकर वो कई दिन से आंदोलनरत हैं, वे मांगे उस पत्र में मानी ही नहीं गई हैं। और जो मांगे मानी गई हैं, उनके लिए भी 7 से 8 महीने का समय और मांगा जा रहा है।

धरनारत विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2017 में भी आंदोलन किया था। उस समय कहा गया था कि जल्द ही सभी मांगों को मान लिया जाएगा। लेकिन आज आठ महीने बीत जाने के बाद भी प्रशासन की तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक कुलपति द्वारा सभी मांगें लिखित में नहीं मान ली जाएंगी, धरना जारी रहेगा।

गौर हो कि विश्वविद्यालय के कुलपति आरसी कुहाड़ ने सोमवार सायं बीटेक के विद्यार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रें¨सग करके कहा था कि वे स्वयं बीटेक मामले को देखेंगे तथा जल्द से जल्द सभी मांगों को पूरा करवाया जाएगा। लेकिन विद्यार्थी कुलपति की इस बात से सहमत नहीं हुए और उन्होंने कह दिया कि जब आप हमें स्वयं अपने हस्ताक्षर करके लिखित में मांगों को निर्धारित समय में मानने का पत्र जारी नहीं करेंगे, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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