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अटेली मंडी में बाजरे का भाव गिरा, बारिश से किसानों की बढ़ी परेशानी

Published: Thu, 15 Oct 2026 02:59 PM (GMT+05:30)

अटेली अनाज मंडी में बाजरे की खरीद के दौरान किसानों को कम भाव और बूंदाबांदी से दोहरी चिंता सता रही ...और पढ़ें

अटेली मंडी में बाजरे का भाव गिरा  ( एआई इमेज )

अटेली मंडी में बाजरे का भाव गिरा ( एआई इमेज )

HighLights

  1. अटेली मंडी में बाजरे का भाव 2300 रुपये से कम हुआ।

  2. बूंदाबांदी के कारण किसानों को फसल भीगने का डर सता रहा।

  3. मार्केट कमेटी ने किसानों से निर्धारित शेड्यूल पर मंडी आने को कहा।

संवाद सहयोगी, मंडी अटेली। अटेली अनाज मंडी में बाजरा खरीद के दौरान किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

मंडी में जहां पहले बाजरे का भाव 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा था, वहीं अब कुछ किसानों का बाजरा 2300 रुपये से कम भाव पर भी खरीदा गया। इससे किसानों को अपनी उपज का पूरा मूल्य मिलने को लेकर चिंता सताने लगी है।

बूंदाबंदी से भी बढ़ी किसानों की टेंशन

दूसरी ओर, मौसम में हुई बूंदाबांदी ने भी किसानों की टेंशन बढ़ा दी है। हालांकि, किसान मंडी में बाजरा लाने से पहले बाहर ही कांटे पर उसका वजन करवा रहे हैं और इसके बाद आढ़ती के पास फसल डाल रहे हैं।

इससे बाजरा भीगने की चिंता कुछ कम हुई है। इसके बावजूद मौसम खराब होने की आशंका किसानों को परेशान कर रही है। किसानों का कहना है कि बाजरे का उचित भाव मिलना जरूरी है, ताकि फसल की लागत निकालने के बाद उन्हें कुछ लाभ भी मिल सके।

प्रशासन की ओर से किसानों की सुविधा के लिए गांववार रोस्टर बनाया गया है। लेकिन, इससे सभी किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक ही गांव के अधिक किसानों के एक साथ मंडी पहुंचने से वाहनों और अन्य संसाधनों की कमी हो जाती है।

बढ़ रही किसानों की दुश्वारियां 

ऐसे में किसानों को बाहर से अधिक किराया देकर साधन जुटाने पड़ते हैं। इससे उनकी परेशानी और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश जेलदार ने बताया कि मंडी में खरीद के लिए गांववार शेड्यूल निर्धारित किया गया है।

शेड्यूल पूरा होने के बाद गांवों को दोबारा नंबर दिया जाएगा, ताकि बाकी किसान भी अपनी फसल लेकर आ सकें।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल्दबाजी न करें और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही मंडी पहुंचें। इससे मंडी में व्यवस्था बनाए रखने और किसानों को सुविधा देने में मदद मिलेगी।

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