जागरण संवाददाता, नारनौल: शुक्रवार को आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा संबंधित एआइयूटीयूसी के सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिला सचिव मधु देवी की अध्यक्षता में बैठक की। बैठक के बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से अपनी मांगों के जोशीले नारों के साथ नागरिक अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम उप सिविल सर्जन नारनौल को ज्ञापन सौंपा। जिला सचिव मधु देवी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों का जीवन बचाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सरकार ने सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया है। हरियाणा सरकार की अनदेखी से आशा कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। ज्ञापन में मांग की गई है कि आशा कार्यकर्ताओं को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन रुपये 24 हजार लागू करने, कोविड के दौरान अक्टूबर व नवंबर माह के दो हजार रुपये प्रदान करने, एचबीएनसी, एचवाईबीसी कार्ड, आशा मूल्यांकन फार्म सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रदान करने, कोरोना महामारी में घोषित एकमुश्त पांच हजार रुपये की सहायता का भुगतान दिलाने सहित मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर एआइयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह व सचिव छाजूराम रावत ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को अपनी वाजिब मांगों के लिए आंदोलन करना होगा। आंदोलन ही हमारी समस्याओं के समाधान का एकमात्र रास्ता है। इस अवसर पर रितु, पूजा, मंजू, पूनम, सुमन, ज्योति, सुरेश, कमलेश, प्रेमलता, रेणुबाला, ऊषा, अनुराधा सहित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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