जागरण संवाददाता, नारनौल: केंद्र सरकार तथा अन्य राज्य सरकारों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग को पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद हरियाणा में प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में पदोन्नति की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसा कर हरियाणा सरकार इस वर्ग के लोगों से भेदभाव व पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रही है। यह जानकारी सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के जिला महासचिव बिरदी चंद गोठवाल ने दी।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए समित ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग व मुख्यमंत्री हरियाणा को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार व भारतवर्ष के अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में भी अनुसूचित जाति वर्ग के प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में आरक्षण का प्रावधान किया जाए।

महासचिव बिरदी चंद गोठवाल ने बताया कि हरियाणा में भिन्न-भिन्न दलों की सरकारें आती रही हैं, परंतु किसी भी सरकार द्वारा हरियाणा में अनुसूचित जाति के प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में पदोन्नति में आरक्षण देने के मामले में कोई प्रावधान नहीं किया है, जिससे हरियाणा में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रथम व द्वितीय श्रेणी के सभी अधिकारी पदोन्नति के लाभ से वर्ष 1995 से आज तक वंचित ही हैं, जबकि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी इसी वर्ष 10 मई को दिए गए अपने फैसले में अनुसूचित जाति वर्ग के प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में पदोन्नति देने के हरियाणा सरकार को निर्देश भी जारी किए हुए हैं। मगर यह आदेश लागू नहीं करने के फलस्वरूप स्पष्ट रूप से हरियाणा सरकार की भेदभाव व पक्षपात पूर्ण रवैए को उजागर करता है।

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