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जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : केडीएस पिपल केयर की ओर से मां भगवती मां पीतांबरा देवी मंदिर शीला नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में रविवार को कथा व्यास आर्यमन कौशिक महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। कथा में मुख्य यजमान विश्व हिदू परिषद के प्रांत संस्कृत प्रमुख एवं हरियाणा ब्राह्माण धर्मशाला कुरुक्षेत्र के पूर्व उप-प्रधान रमेश शास्त्री, मिथलेश देवी, सौरभ शर्मा, नेहा पाराशर व पुष्पेंद्र शास्त्री मुख्य रूप से शामिल हुए।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास आर्यमन कौशिक ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा से समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने सखा से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। उन्होंने कहा कि सुदामा द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना प्रभु सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने उसे अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया और सुदामा को अपने महल में ले गए ओर उनका अभिनंदन किया।

विद्यापीठ में हवन आज

राजेश वत्स ने बताया कि सोमवार को विद्यापीठ में हवन व भंडारा लगाया जाएगा। इस मौके पर डा. शिवकुमार, कृष्ण चंद्र शास्त्री, ज्योतिष आचार्य अमित मोदगिल, महेश शर्मा, मनीष शर्मा, अमित शर्मा, दीपक शर्मा, पवन शर्मा, केशव शर्मा, परमेश्वरी देवी, माया देवी, अवंतिका व चंचल वत्स मौजूद रहे।

Edited By: Jagran