जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कोरोना वायरस से बचाव के लिए शारीरिक दूरी और मुंह पर मास्क ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है, लेकिन ये दोनों नियम रेहड़ी और ढाबों पर टूट रहे हैं। रेस्तरां और होटलों में फिर भी कुछ हद तक इनकी पालना हो रही है। मगर सड़कों के किनारे लगी रेहड़ियों पर इन नियमों की पालना करा पाना मुश्किल हो रहा है। जिला प्रशासन की नाक के तले ही इन नियमों ही अनदेखी कोरोना के संकट को और बढ़ा सकती है।

सोमवार को दैनिक जागरण ने लघु सचिवालय से लेकर सेक्टर 17 तक रेहड़ी और ढाबों पर कोरोना वायरस से बचाव के नियमों के बारे में लाइव निरीक्षण किया तो देखा कि होटलों में तो फिर भी हाथों पर सैनिटाइजर और मुंह पर मास्क के नियमों की पालना हो रही है। मगर ढाबों और खाद्य पदार्थों की रेहड़ियों पर इन नियमों की कहीं कोई पालना नहीं हो रही। खाने-पीने की रेहड़ियों पर खासकर लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है और उन्हें भोजन परोसने वाले से लेकर लेने वाले मुंह से मास्क हटाए हुए हैं। शारीरिक दूरी के नियम की भी यहां अवहेलना हो रही है। वहीं बात सैनिटाइजर की करें तो इन रेहड़ियों पर सैनिटाइजर तक की व्यवस्था नहीं की जा रही है। लोग खाने से पहले और खाने के बाद पानी से ही हाथ धोकर काम चला रहे हैं। यह स्थिति तब है जब जिला प्रशासन लगातार कोरोना से बचाव के लिए नियमों की पालना करने की अपील कर रहा है। मगर ढाबों और रेहड़ियों पर जांच करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में जब कोरोना का संकट अभी तक टला नहीं है तो ये लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती हैं।

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