संवाद सहयोगी, लाडवा : लाडवा में सफाई व्यवस्था दिन-प्रतिदिन चरमराती जा रही है। सड़कों व गलियों में गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नगर पालिका में 52 सफाई कर्मचारी होने के बावजूद सफाई का यह हाल बना हुआ है। नपा के अधिकतर सफाई कर्मचारी कोरोना से जुड़े अन्य कार्यों में काम कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों को ड्राइवर तो कुछ से सेवादार का काम लिया जा रहा है।

शहर के हर वार्ड में गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए। यही नहीं बरसात का मौसम भी शुरू होने वाली है। पानी की निकासी के लिए बने नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। यदि समय रहते नालों की सफाई नहीं की तो बारिश का पानी शहर में भर जाएगा। ऐसे में नालों में पड़ी गंदगी बीमारियों को बढ़ा सकती है। लोगों ने सरकार व प्रशासन से गंदगी के ढेरों व अटे पड़े नालों की जल्द सफाई करवाने की मांग की है।

कुछ से लिए जा रहे दूसरे काम

दो कर्मचारी नपा के ट्रैक्टर पर ड्राइवर है। तीन कर्मचारियों की रामकुंडी में बनाए गए कोरोना केयर सेंटर में ड्यूटी लगाई हुई है। पांच कर्मचारी कोरोनो संक्रमण से मृत शवों के संस्कार कराने में लगाए गए हैं। चार शहर को सैनिटाइज कर राहे हैं, एक माली सहित दो सफाई कर्मचारी लाडवा एसडीएम कार्यालय मऔर तीन कर्मचारी नपा कार्यालय में पीअन का काम कर रहे हैं। चार से पांच कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं। इनके अलावा दो दरोगा हैं।

50 फीसद कर्मचारी शहर की सफाई में

लाडवा नगरपालिका की चेयरपर्सन साक्षी खुराना ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नपा के पास 52 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से आधे कर्मचारी ही इस समय शहर की सफाई व्यवस्था को संभाले हुए है। बाकी से दूसरे काम लिए जा रहे हैं। इस विषय में अधिकारियों से बात की जाएगी।

Edited By: Jagran