जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सव का आगाज हरियाणवी कोरियोग्राफी विधा से हुआ। पहली प्रस्तुति से ही हरियाणवी कोरियोग्राफी ने ऑडिटोरियम हॉल में दर्शकों की खूब वाह-वाही लूटी।

कुवि रत्नावली उत्सव के माध्यम से लुप्त होती विधाओं को फिर से पुनर्जीवित करने के प्रयास में लगा हुआ है। पहली बार हुई प्रस्तुति में छह टीमों ने भाग लिया। हर टीम की प्रस्तुति उम्दा रही और दर्शकों की खूब वाह-वाही लूटी। सबसे पहले डीएवी ग‌र्ल्स कालेज यमुनानगर की टीम ने जाट मेहर सिंह पर आधारित कोरियोग्राफी प्रस्तुत की और सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उसके बाद गवर्नमेंट कॉलेज जींद के प्रतिभागियों ने जय जवान, जय किसान की थीम पर आधारित कोरियोग्राफी का मंचन कर युवाओं में देशभक्ति की भावना को भर दिया। आरकेएसडी पीजी कालेज, कैथल की टीम ने हरियाणवी संस्कृति भारत के कोन-कोने में धूम मचा रही तथा यूटीडी केयूके की टीम ने भारतीय सेना व आर्य पीजी कालेज पानीपत के प्रतिभागियों ने जाट मेहर सिंह की थीम पर अपनी प्रस्तुति दी। लगभग सभी टीमों ने देशभक्ति से ओतप्रोत व हरियाणवी संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को दिखाया। मुख्य अतिथि एडीजीपी डॉ. आरसी मिश्रा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं और हरियाणवी संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। इस अवसर पर निर्णायक मंडल में राजीव, राकेश, शीशपाल सिंह व आरएल मेहरा शामिल थे। इस अवसर पर कुवि की कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना, डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

Posted By: Jagran

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