जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : खेल-फेडरेशन अपनी मर्जी से ट्रायल नहीं ले सकेंगी। खिलाड़ियों का ट्रायल लेने से पहले इन्हें राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। ऐसा न करने पर उन्हें सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी जाएगी। बिना पूर्व अनुमति के खेल संबंधित अन्य गतिविधियां करने वाले प्रशिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश में समय-समय पर कुछ खेल-फेडरेशनअनुमति लिए बिना विभिन्न खेलों के ट्रॉयल करवाते हैं। ऐसे ट्रॉयल में गड़बड़ी होने का अंदेशा बना रहता है। चयन न होने पर कई बार तो भागीदारी करने वाले खिलाड़ी गड़बड़ी की शिकायतें करते हैं। अगर कोई खेल-फेडरेशन नियमों के अनुसार अनुमति लेकर ट्रायल लेती है तो उसमें गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं होती और कोई गड़बड़ी की शिकायत करता भी है तो उसकी जांच करने में आसानी होती है।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि प्रदेश में कार्यरत सरकारी प्रशिक्षक खेल से संबंधित अन्य गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रशिक्षण छोड़ कर जाते रहते हैं, जिससे खिलाडि़यों के अभ्यास में बाधा आती है। उन्होंने बताया कि इसी को ध्यान में सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रशिक्षकों को अपने मुख्य कार्य के अलावा गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा नहीं दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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