जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. मंजुला चौधरी ने कहा कि इंडिया स्किल रिपोर्ट के अनुसार देश में पिछले 3 वर्षों में महिलाओं की कुल भागीदारी में 9 प्रतिशत तक गिरावट आई है। महिलाओं की आकांक्षाओं का स्तर पुरुषों की अपेक्षा अधिक है परंतु वास्तविकता में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महिलाओं में कार्यस्थल पर बने रहने की प्रवृत्ति पुरुषों के मुकाबले कम है। उन्होंने लैंगिक संवेदनशीलता के सभी पक्षों पर गहन परिचर्चा की और स्थिति में सुधार के लिए अपील की। प्रो. चौधरी मानव संसाधन विकास केंद्र की ओर से आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रही थी।

प्रो. चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान राज्य स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों में वित्त पोषण के लिए केंद्रीय प्रायोजित योजना है। इस योजना के मुख्य तीन लक्ष्य हैं गुणवत्ता, दूरवर्ती स्थानों पर शिक्षा को पहुंचाना और सभी स्तरों पर उद्देश्यों को समान रूप से प्राप्त करना।

उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वित्त बंटवारा राज्य सरकारों को किया जाता है और राज्य सरकार राजकीय शिक्षा संस्थानों व सहायता प्राप्त राजकीय शिक्षा संस्थान में वित्त बंटवारा दीर्घकालिक व भविष्य अनुगामी परिणाम आधारित तथ्यों के आधार पर करती है। इस अभियान में रचनात्मकता पर अधिक बल दिया जा रहा है और अभियान के मानक निश्चित है व अकादमिक उपलब्धियों से जुड़े हुए हैं। इसके अंतर्गत नीचे से ऊपर की ओर का ²ष्टिकोण अपनाया जा रहा है। जो प्रस्ताव किसी शैक्षणिक संस्थान से वित्त प्राप्ति के लिए भेजा जाता है उसमें 60 प्रतिशत भाग केंद्र सरकार को और 40 प्रतिशत भाग राज्य सरकार को देना होता है। सांयकालीन सत्र में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर हरभजन बंसल ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की और भारतीय मानक व्यक्तित्व व विकास विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

Posted By: Jagran

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