फोटो-2 और 6 -जीओ गीता के तत्वावधान में दिव्य गीता सत्संग का भव्य आगाज संवाद सहयोगी, शाहाबाद : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता विश्व का एकमात्र ऐसा गीत है जो भगवान ने अपने श्रीमुख से बोला है। जीवन काल का कोई ऐसा प्रश्न नहीं जिसका उत्तर गीता में नहीं। गीता अपने आप में हर प्रश्न का उत्तर है और प्रत्येक समस्या का समाधान है। उन्होंने जीओ गीता श्री कृष्ण कृपा परिवार के तत्वावधान में मारकंडा नेशनल कालेज में चार दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के पहले दिन प्रवचन करते हुए कही।

गीता मनीषी ने कहा कि आज व्यक्ति जीवन में सुख ढूंढ़ने के लिए भागदौड़ में लगा हुआ है, लेकिन जीवन में सुख का मंत्र गीता में है। व्यक्ति को अपने सुखों को छोड़कर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करनी चाहिए। भगवान के चरणों में हर परेशानी का समाधान है। प्रसिद्ध भजन गायक रतन रसिक ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सराबोर किया। पवन गुंबर ने पतित पावनी श्रीमद्भगवदगीता की आरती गाकर वातावरण को गीतामय बना दिया।

मुख्य अतिथि ने किया दीप प्रज्वलित

मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कृष्ण कुमार बेदी व विशिष्ट अतिथि राजेश कुमार ठाकुर, डा. गुरदीप सिंह हेर, अशोक चावला अंबाला, राज सतीजा, राजेश चावला एवं मुलख राज गुंबर ने दीप प्रज्ज्वलित किया। दिव्य गीता सत्संग में मुख्य यजमान अमित सिघल, अनुराग चड्ढा, कुलदीप कुमार, प्रदीप कुमार व गौरव अरोड़ा ने गीता पूजन किया।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर जीओ गीता के चेयरमैन रवि कांत गोयल, संरक्षक मलिक विजय आनंद, राम मूर्ति शर्मा, खरैती लाल मक्कड़, सुरेंद्र बजाज, रमेश सचदेवा, संयोजक हर्ष सलूजा, सचिव राज मक्कड़, राजेंद्र बत्तरा, निशा ठुकराल, भारत भूषण किगर, बलदेव राज सेठी, प्रदीप करावा, अभिषेक ठुकराल व हरीश विरमानी मौजूद रहे।

Edited By: Jagran