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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर, मरीज इलाज को भटके

By JagranEdited By:
Published: Fri, 12 Nov 2021 10:41 PM (IST)

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक सुबह दो ...और पढ़ें

चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर, मरीज इलाज को भटके
चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर, मरीज इलाज को भटके

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक सुबह दो घंटे की हड़ताल पर रहे। चिकित्सक अपने समय पर अस्पताल जरूर पहुंचे, लेकिन ओपीडी में जाने की बजाय अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए। यहां पर चिकित्सकों ने नारेबाजी करके सीधे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती किए जाने पर रोष जताया। वहीं मरीज चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर चक्कर लगाते रहे। ओपीडी शुरू नहीं होने की वजह से न तो मरीजों के टेस्ट हुए और न ही अल्ट्रासाउंड। हालांकि दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक 11 बजे संपन्न हो गई, जिसके बाद चिकित्सकों ने ओपीडी संभाल ली। मगर इस दौरान अस्पताल का आपातकालीन विभाग प्रभावित नहीं हुआ। हड़ताल में एसोसिएशन प्रधान डा. ललित कल्सन, उपप्रधान डा. जगमेंद्र मलिक, सचिव डा. प्रदीप कुमार, डा. एनपी सिंह, सह सचिव डा. सुमित कौशिक ने उपायुक्त मुकुल कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

नहीं पता था हड़ताल पर हैं चिकित्सक : तेजिद्र

पिहोवा निवासी तेजिद्र ने बताया कि उसे मुंह में काफी दर्द है और बोला तक नहीं जा रहा। वह सुबह-सुबह अस्पताल में इसलिए आया था कि दवा लेने के बाद समय से काम पर निकल पाएगा। मगर अब यहां आने के बाद पता लगा कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। बाकी मरीज भी इसी उम्मीद में जल्दी आए थे कि यहां आकर या तो जल्द दर्द से राहत मिल सकेगी या समय से दवा ले सकेंगे। चिकित्सकों की हड़ताल के बारे में यहां आकर पता लगा। अब निजी अस्पताल में जाना पड़ेगा उपचार को : सुनील

मरीज सुनील ने बताया कि उसके पेट में दर्द था। अस्पताल में पर्ची कटवाने के बाद जब वह ओपीडी में गया तो पता लगा कि चिकित्सक तो हड़ताल पर हैं। दर्द सहन नहीं हो रहा इसलिए अब निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। अगर चिकित्सक हड़ताल पर हैं तो बारे में मरीजों को पर्ची बनवाते हुए ही सूचित किया जाना चाहिए था। मरीज पहले पर्ची कटवाने के लिए कतार में लगे इसके बाद ओपीडी में जाकर उन्हें यहां मायूस वापस लौटना पड़ रहा है। सीधी भर्ती न की जाएं : डा. ललित

एसोसिएशन के प्रधान डा. ललित कल्सन ने कहा कि सरकार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती कर रही है जोकि गलत है। वर्ष 2015 के बाद चिकित्सकों के विरोध पर यह भर्ती बंद कर दी गई थी अब इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। एसोसिएशन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। यही नहीं एसोसिएशन सरकार से विशेषज्ञों का काडर बनाने, पीजी पालिसी और केंद्र के समान एसीपी देने की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की जांच की जाएगी।