फोटो संख्या : 11 -24 घंटे चलाने के लिए अभी और कर्मचारियों की है जरूरत

-12 घंटे से ही चलाया जा रहा है काम जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : जिले की रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पालीमर्स चेन रिएक्शन लैब मैनपावर और सुविधाओं के टोटे के बीच भी रोजाना 250 आरटीपीसीआर सैंपल के टेस्ट कर रही है। लैब में लैब टेक्नीशियन और डाटा एंट्री करने वाले कर्मचारियों का टोटा है। इसके बावजूद 15 दिन के भीतर इस लैब में 3200 आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए जिनमें से 600 कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस लैब का विस्तार करने का प्रयास कर रहा है। मगर लैब को 24 घंटे चलाने के लिए अभी और कर्मचारियों की जरूरत है।

गौरतलब है कि चंडीगढ़ स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान की ओर से जिले की आरटीपीसीआर लैब को आठ जनवरी को हरी झंडी दी गई थी। इसके बाद से इस लैब में रोजाना 250 सैंपल की जांच की जा रही है। लैब को 24 घंटे चलाने का लक्ष्य लिया गया था, लेकिन कमियों की वजह से इसे आठ से 12 घंटे ही चलाया जा रहा है। हालांकि चिकित्सक व स्टाफ बिना किसी अतिरिक्त पैसे के इस लैब में काम कर रहा है, ताकि जिले को मिली इस सौगात का फायदा आम लोगों को मिल सके। पैथोलाजिस्ट डा. विनोद कुमार ने बताया कि रोजाना 250 से ज्यादा सैंपलों की जांच लैब में की जा रही है।

रोजाना ले रहे 900 सैंपल

जिले में रोजाना 900 से एक हजार सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें से पहले सैंपलों की जांच के लिए अंबाला, यमुनानगर और करनाल की लैब में भेजा जाता था। मगर अब इनमें से 250 सैंपलों की जांच नियमित रूप से जिले स्तर पर इसी लैब में की जा रही है। इससे एक तो परिणाम जल्दी आ रहे हैं दूसरे समय पर पता लगने से मरीजों को तुरंत आइसोलेट किया जा रहा है, जिससे कोरोना के प्रसार को रोका जा सके।

लैब में ये खामियां

लैब में मशीनों की रीडिग और रिकार्ड रखने के लिए ग्राफ एनालाइजर विशेषज्ञ की जरूरत है। इसके अलावा एक पैथोलाजिस्ट कार्यरत हैं, जबकि एक और पैथोलाजिस्ट चाहिए। इसके अलावा अभी पांच ही तकनीशियन लैब में कार्यरत हैं, जबकि इनकी संख्या आठ या दस करने की जरूरत है। इसके अलावा दो ही डाटा एंट्री आपरेटर है, जिनकी संख्या पांच या छह होनी चाहिए, क्योंकि डाटा को आइसीएमआर की वेबसाइट पर भी अपडेट करना होता है।

Edited By: Jagran