जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : स्वच्छता के दावे थानेसर स्टेशन पर फेल हो रहे हैं। थानेसर स्टेशन पर 500 से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है। मगर यहां के शौचालय की हालत ऐसी है कि इनमें घुसना तो दूर नजदीक से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। स्टेशन अनदेखी का कुछ इस तरह से शिकार हुआ पड़ा है कि शौचालय में पानी तक की व्यवस्था नहीं होती। जबकि रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि स्टेशन पर कनेक्शन तो लिया हुआ है लेकिन पानी का प्रेशर कम है, जिसकी वजह से प्लेटफार्म की सफाई भी नहीं हो पाती। मगर यह व्यवस्था पिछले कई महीनों से बरकरार है, जिसका हल रेलवे प्रशासन अब तक नहीं निकाल पाया और इसका असर रेलवे स्टेशन व आसपास की स्वच्छता पर पड़ रहा है। शौचालय की स्थिति को देखते हुए लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं। ठप पड़ा शौचालय : राहुल

कैथल निवासी राहुल ने कहा कि शौचालय में गंदगी का आलम है। ऐसा लग रहा है कि कई महीनों से सफाई नहीं हुई। न पानी की व्यवस्था है और न ही सफाई है। देश भर में न जाने कितने नए शौचालय खुले में शौच मुक्त करने के लिए बनाए गए। मगर रेलवे स्टेशन जहां रोजाना सैकड़ों यात्री आते हैं वहीं शौचालय ठप पड़ा है। हाउ मे आइ हेल्प यू ग्रुप के सदस्य आए आगे

हाउ मे आइ हेल्प यू ग्रुप के सदस्य शिक्षक जितेंद्र ने बताया कि थानेसर स्टेशन पर सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। ग्रुप के सदस्य सफाई अभियान चलाने के लिए तैयार हैं। अगले सप्ताह स्टेशन पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले भी ग्रुप के सदस्यों ने थानेसर स्टेशन पर लगे वाटर कूलर की सफाई की थी, जिसमें से काफी गंदगी निकली थी। ग्रुप के सदस्य कार्य के लिए संगठित हैं और तत्पर होकर इस अभियान को चलाएंगे। प्रेशर कम होने की वजह से नहीं हो पाती सफाई

रेलवे प्रशासन के आइओडब्ल्यू हरप्रीत सिंह ने बताया कि थानेसर स्टेशन पर कनेक्शन लिया हुआ है। मगर पानी का प्रेशर बहुत कम है। प्रेशर बढ़ाने के लिए संबंधित विभाग को भी पत्र लिख दिया। मगर स्थिति नहीं सुधरी। इसकी वजह से शौचालय और प्लेटफार्म की नियमित सफाई नहीं हो पाती।

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