जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की केंद्रीय अधिकारी प्रो. मंजूला चौधरी ने रूसा से परिचय कराते हुए बताया कि यूजीसी की अनुदान नीति में समयानुरूप अपेक्षित संशोधनपूर्वक रूसा विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को अपेक्षित प्रगति के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुदान प्रदान करता है। उन्होंने शोध का अभिप्राय स्पष्ट करते हुए कहा कि शोध में गुणवत्ता का होना मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण है।

वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र में आयोजित अभिविन्यास पाठ्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में 10 प्रतिभागी प्राध्यापकों ने विविध प्रासांगिक संदर्भों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी गई। यह प्रस्तुति कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दर्शन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आरके देसवाल के निरीक्षण में हुई। प्रथम सत्र की अध्यक्षता राजकीय महिला महाविद्यालय, करनाल की वाणिज्य विभाग की प्राध्यापिका विनी तथा द्वितीय सत्र की अध्यक्षा राजकीय महिला महाविद्यालय, करनाल की संस्कृत प्राध्यापिका डॉ. विदुषा ने की। समस्त कार्यक्रम प्रो. नीरा वर्मा एवं डॉ. संजीव शर्मा के निर्देशन में संचालित हुआ।

Posted By: Jagran

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