जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : पिछले 24 घंटों में जिले भर में औसतन 8.5 एमएम बरसात हुई, इसमें सबसे ज्यादा 16 एमएम पिहोवा तो सबसे कम तीन एमएम बारिश शाहाबाद में हुई। एक दिन पहले सोमवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहने और रात में हुई बूंदाबादी से ठंडक बढ़ गई है। सोमवार और मंगलवार की रात को डेढ़ बजे के लगभग शुरू हुई बूंदाबांदी सुबह 10 बजे तक जारी रही। सुबह-सुबह के समय रुक-रुक कर चली बूंदाबांदी से दैनिक कार्य के लिए निकलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। कृषि विशेषज्ञ बूंदाबांदी को गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद बता रहे हैं। दिन भर चला बादलों की लुकाछिपी का खेल

मंगलवार को दिन भर बादलों और सूर्य देव के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। सुबह से बूंदाबांदी के बाद दोपहर को एक बार हल्की धूप निकली और सूर्य देवता के दर्शन हुए। इसके साथ ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन भर यही खेल चलता रहा। मौसम में ठंडक बढ़ गई। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पर पहुंच गया। कई कॉलोनियों में बिजली प्रभावित

बरसात के चलते शहर की कई कॉलोनियों में बिजली प्रभावित रही। सेक्टर चार, 30 और तीन में रात भर बिजली के बार-बार कट लगते रहे। दुखभंजन कॉलोनी में ब्राह्मण धर्मशाला के पास बिजली का खंभा टूटा होने के कारण रात एक बजे से शाम पांच बजे तक बिजली गुल रही। कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाए कि शिकायत के बावजूद दोपहर बाद तक कोई भी बिजली कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। गेहूं की फसल के लिए लाभदायक

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप मील ने कहा कि यह बरसात गेहूं की फसल के लिए वरदान है। ठंड जितनी लंबी चलेगी गेहूं की पैदावार उतनी ही अच्छी होगी। फसल में फुटाव के लिए ठंड होना जरूरी है। इसके साथ ही बरसात से पर्यावरण में भी स्वच्छ होता है। फिलहाल हुई बरसात से सब्जी की फसल को भी कोई नुकसान नहीं है। बरसात ज्यादा होने पर टमाटर व अन्य सब्जी की फसलें खराब हो सकती हैं। कहां कितनी हुई बारिश

स्थान बरसात

पिहोवा 16 एमएम

थानेसर 11 एमएम

लाडवा 8 एमएम

इस्माईलाबाद 7 एमएम

बाबैन 7 एमएम

शाहाबाद 3 एमएम

Posted By: Jagran

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