विनीश गौड़, कुरुक्षेत्र : लॉकडाउन में भी कोरोना का संक्रमण कम नहीं हो पाया है। पिछले दिनों लगातार रिकॉर्डतोड़ कोरोना पॉजिटिव केस आ रहे हैं। अप्रैल से अब 35 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है और 5311 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। जबकि पिछले वर्ष सितंबर माह में कोरोना की पहली लहर के पीक पर 3807 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे। इस बार पहली लहर से 1504 अधिक नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। अगर बात मई माह के पहले आठ दिनों की करें तो 1667 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जिले में फरवरी 2020 में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। शहर की सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ गई थी। लॉकडाउन के नियमों का भी पालन किया जा रहा था। उस वक्त कोरोना का संक्रमण इतना नहीं फैल पाया था। फरवरी 2020 में सिर्फ दो कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। अगस्त 2020 तक सिर्फ 1704 कोरोना पॉजिटिव मरीज थे। जबकि सितंबर 2020 में कोरोना अपने पीक पर पहुंच गया और इसी माह 3807 नए मरीज सामने आ गए। जबकि वर्ष 2020 में फरवरी से दिसंबर माह तक 127 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई थी। जबकि आठ मई 2021 तक 214 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई। यानी वर्ष 2021 में जनवरी से लेकर अप्रैल तक चार माह में 87 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है। 8608 से 18 हजार तक पहुंची मरीजों की संख्या

जिले में वर्ष 2020 के 11 महीनों में कोरोना के 8608 पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। वहीं वर्ष 2021 में मई माह के पहले सप्ताह तक 18423 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ गए। यानी वर्ष 2020 के 11 महीने एक तरफ और वर्ष 2020 के पहले चार माह एक तरफ। पहले चार माह में 9815 नए मरीज मिले हैं। लापरवाहियों ने बढ़ाया कोरोना का आंकड़ा

जिले में एक अप्रैल 2021 को कोरोना पॉजिटिव मरीज 11215 थे, जबकि एक मई 2021 को 16526 तक पहुंच गई। यानी इस महीने 5311 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। एकाएक बढ़ी इस रफ्तार की वजह लोगों में कोरोना को लेकर बढ़ी लापरवाही और अनदेखी माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक टीकाकरण अभियान पूरा नहीं होता और वैक्सीन सभी लोगों को नहीं लग जाती तब तक लोगों को मास्क और दो गज की दूरी की पालना करनी होगी।

वर्जन :

कोरोना के संक्रमण को रोकने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। लॉकडाउन की कड़ाई से पालना के आदेश दिए हैं। पुलिस नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। ट्रेसिग और टेस्टिग पर फोकस किया गया है। वैक्सीनेशन से ही कोरोना को हराया जा सकता है। लोगों को कोरोना की गाइडलाइन को अपनाने के साथ वैक्सीनेशन लगवाने के लिए आगे आना चाहिए।

शरणदीप कौर बराड़, डीसी।