जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लेकर किसान आगे आने लगे हैं। जिले में अब तक 923 किसानों ने पंजीकरण किया है। किसानों ने 6410 एकड़ के करीब में धान लगाने से तौबा कर मक्का सहित अन्य फसलों की बिजाई की है। इस योजना के साथ ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से किसानों को सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र में एक लाख 18 हजार हेक्टेयर के करीब क्षेत्र में धान की रोपाई की जाती है। धान की रोपाई में पानी की ज्यादा लागत होती है और कुरुक्षेत्र में पानी का संकट लगातार गहरा होता जा रहा है। जिला के कई ब्लाक में पानी 100 फीट से भी नीचे चला गया है। ऐसे किसानों को पानी की बचत को लेकर जागरूक करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से मेरा पानी मेरी विरासत योजना चलाई गई है। गत वर्ष शुरू की गई मेरा पानी-मेरी विरासत योजना ने आमजन को एक नई राह दिखाने का काम किया है। योजना के अनुसार जिन किसानों ने पिछले साल अपने खेत में धान की रोपाई की थी और इस वर्ष उसी खेत में वैकल्पिक फसल मक्का, उड़द, सोयाबीन, ग्वार, तिल, मूंगफली, अरंडी, खरीफ प्याज, खरीफ सीजन की चारा फसलें, कपास, मक्का, अरहर, मूंग व विभिन्न सब्जियां, पशुचारा उगाने या फिर खेत को खाली रखने पर किसान को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। यह प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाएगी। इसमें से दो हजार रुपये प्रति एकड़ की पहली किस्त संबंधित कमेटी की ओर से खेत का भौतिक सत्यापन करने के बाद तथा पांच हजार रुपये की दूसरी किस्त मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से फसल की बिक्री के दौरान सत्यापन होने पर दी जाएगी।

समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएंगी फसलें

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मील ने बताया कि इस योजना के तहत सभी वैकल्पिक फसलों को सरकार की ओर से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। फसल विविधिकरण योजना के अंतर्गत सभी वैकल्पिक फसलों का बीमा भी विभाग की ओर से ही करवाया जाएगा। इसके प्रीमियम की अदायगी प्रोत्साहन राशि से की जाएगी। इस योजना के लेकर विभाग के अधिकारी लगातार किसानों को जागरूक करने में जुटे हैं।

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