जागरण संवाददाता, करनाल : नए साल में शहर ही नहीं, जिलेभर की महिलाओं को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पुलिस ने स्पेशल प्लान तैयार किया है। इसकी कमान एसपी से लेकर आइजी ने खुद संभाली है। अधिकारियों का दावा है कि जिले में भी रात को महिलाएं बिना भयभीत हुए घूम सकती हैं। यह बात दीगर है कि बीते पूरे साल महिलाओं पर जुल्मोसितम के सिलसिले ने थमने का नाम नहीं लिया।

दरअसल, पिछले वर्ष में करनाल से लेकर पूरे प्रदेश में महिलाओं से जुड़े कई संगीन अपराध पुलिस के सामने आए। वहीं, नवंबर में ही हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दिल दहला देने वाली घटना हुई। करनाल पुलिस सबक लेते हुए महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ज्यादा अहमियत दे रही है। नए साल में नई तैयारी के साथ पुलिस ने महिलाओं को अधिक सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए न केवल संबंधित पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं बल्कि गश्त बढ़ाने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी कड़ी कर दी गई हैं। महिलाओं के साथ होने वाले अपराध पर तत्काल कार्रवाई किए जाने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।

ताकि सुरक्षित रहें महिलाएं

मौजूदा व्यवस्था के तहत करनाल के साथ असंध में जहां महिला थाना बनाया गया है वहीं दुर्गा शक्ति की तीन पीसीआर भी सड़कों पर हैं, जो दिन-रात गश्त करती हैं। ये पीसीआर दिन के समय शिक्षण संस्थानों व सार्वजनिक स्थलों पर तैनात रहती हैं। पुलिस विभाग की ओर से 1091 महिला हेल्पलाइन भी जारी की गई है, जिस पर किसी भी समय कोई भी महिला अपने साथ होने वाले अपराध की सूचना दे सकती है।

15 महिलाओं को मिली मदद

हैदराबाद में चिकित्सक महिला के साथ रात के समय हुई हैवानियत के बाद 3 दिसंबर को ही जिला पुलिस की ओर से भी पहल की गई थी। इसके तहत हेल्पलाइन नंबर 1091 नंबर पर कॉल करने पर अब तक 15 महिलाएं फायदा उठा चुकी हैं, जिन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया गया। रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक महिलाओं की सहायता के लिए इस योजना के तहत महिला पीसीआर व दुर्गा शक्ति की टीम दस मिनट बाद ही मौके पर पहुंच जाती है।

2019 में ये संगीन मामले आए थे सामने

पिछले वर्ष दो बच्चियों के साथ संगीन वारदात होने के मामले सामने आए थे। इनमें एक मामला शहर की ही एक बस्ती का था, जिसमें एक मां ने प्रेमी के साथ मिलकर 10 साल की बेटी की हत्या कर नहर में फेंक दिया था। वहीं दूसरा मामला असंध क्षेत्र का था, जहां एक ईंट भट्ठा मजदूर की पांच वर्षीय बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने दोनों ही मामलों में आरोपितों को काबू कर लिया था।

स्कूल-कॉलेजों में योजना नहीं चढ़ी सिरे

स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं को किसी परेशानी पर गुप्त शिकायत देने के लिए पुलिस विभाग की ओर से करीब दो साल पहले शिकायत बॉक्स लगाए गए थे लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई थी। इसके बाद सभी शिक्षण संस्थानों में महिला हेल्पलाइन नंबर के साथ पुलिस कंट्रोल रूम, महिला व संबंधित थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर सार्वजनिक तौर पर अंकित कराया गया।

2019 में महिलाओं पर खूब हुआ जुल्म

भांदस धारा------ अपराध------------ मामले

304 बी-------दहेज हत्या---------14

363,366------बहला-फुसलाकर भगा ले जाना---- 139

376--------- दुष्कर्म----------123

498-----------दहेज उत्पीड़न----259

354------ छेड़छाड़-----------224 महिलाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं : आइजी

हाल ही में करनाल रेंज में आइजी का कार्यभार संभालने वाली भारती अरोड़ा का कहना है कि महिलाओं पर अत्याचार किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। हालांकि पहले भी महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता रही है, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित माहौल देने को लेकर नई योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों को विशेषत: महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। कोई घटना सामने आते ही तत्काल एफआइआर दर्ज की जा रही है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस