जागरण संवाददाता, करनाल : अपने साथ सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे अपराध के विरोध में महिलाओं ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। जहा दिन में प्रदर्शन कर जमकर हंगामा किया तो वहीं एक पीड़िता समाजसेवी एडवोकेट सोनिया तंवर रात को भी परिवार सहित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई। वर्ष 2018 से लेकर अब तक चार मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से खफा पीड़िता को मनाने के लिए देर रात डीएसपी जगदीप दून पहुंचे और उन्होंने उन्हें तीन दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन वे अपनी माग पर अड़ गई और इसके पूरा होने तक दिन-रात को भी भूख हड़ताल व धरना जारी रखने का एलान किया। रात करीब 11 बजे भी सोनिया तंवर ने बातचीत में कहा कि उन्हें अब आश्वासन नहीं बल्कि न्याय चाहिए। रात को सोनिया तंवर के साथ उनके पति अमित तंवर, सपना राणा भी भूख हड़ताल पर रही जबकि उनके साथ चार वर्षीय बेटा तेजस व अन्य महिलाएं भी धरने पर रही।

वहीं सुबह ही महिला संगठन व सामाजिक संस्थाओं से संबंधित महिलाएं जिला सचिवालय के समक्ष एकत्रित हुई और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ फेसबुक, वाट्सएप पर आपत्तिजनक धाíमक, जातिगत, व्यक्तिगत टिप्पणी व अभद्रता को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन कि अगुवाई करते हुए रानी कम्बोज ने कहा कि 24 अगस्त को सभी पीड़ित महिलाओं ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी मागों को ज्ञापन दिया था। उस दौरान डीसी निशात यादव व एसडीएम आयुष सिंहा ने उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते वे फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर हुई। प्रदर्शन के दौरान उस समय मामला गंभीर हो गया जब महिलाएं जिला सचिवालय में प्रवेश करने लगी और पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। मौके पर डीएसपी जगदीप दून पहुंचे और उन्होंने रानी कंबोज से जुड़े दो मामलों के जाच अधिकारियों को मौके पर बुलाया तो कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि तीन दिन के दौरान सभी मामलों की जाच कर ली जाएगी और पुलिस कर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाइ की जाएगी। इस पर प्रर्दशनकारी महिलाएं शात हुई तो पुलिस ने राहत की सास ली, लेकिन देर शाम पीड़ित एडवोकेट सोनिया तंवर ने स्वजनों के साथ मिलकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं प्रदर्शन के दौरान रानी कंबोज व एडवोकेट सोनिया तंवर, सपना राणा, सुनीता ढाडा,कविता दत, सीमा भारद्वाज ,रशीदा, सरोज बाला सहित दर्जनों महिलाएं आदि रही।

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छह माह से नहीं हुई कार्रवाई

प्रर्दश के दौरान रानी कंबोज ने कहा कि सिविल लाइन थाने में एफआइआर 161 दर्ज कराई गई, लेकिन 6 महीने से कोई कार्रवाई नहीं हुई है जबकि आरोपित मर्डर केस में जमानत पर बाहर है। आम जनता कि कोई सुनवाई नहीं है। महिलाओं पर हो रहे अपराध बढ रहे है जिस पर सरकार कि संवेदनहीनता साफ दिखाई दे रही है। प्रमुख समाजसेवी एडवोकेट सोनिया तंवर ने कहा कि फेसबुक व वाट्सएप पर हो रहे अप्रत्यक्ष व मौखिक बलात्कार को सरकार व प्रशासन मूकदर्शक बनी देख रही है सोनिया तंवर के अनुसार दर्ज कराए मामले, जिनमें कार्रवाई नहीं की गई

थाना------ मुकदमा नंबर--------------वर्ष------- सोशल मीडिया, जिससे मैसेज व वीडियो भेजे

सदर-----546----------------2018-----वाट्सएप

सेक्टर 32-33----208----2020------ वाट्सएप

सेक्टर 32-33-----346-----2020----- फेसबुक मैसेंजर

सेक्टर 32-33---- 365-----2020----- फेसबुक मैसेंजर

Edited By: Jagran