जागरण संवाददाता, करनाल : ठंड चरम पर है। हालांकि अभी वह समय आना बाकी है, जब धुंध लगातार बरसेगी, जिदगी ऐसी हो जाती है मानो ठहर सी गई हो। लेकिन बावजूद इसके यह ठंड बड़े काम की है। चेहरे पर ठंड बढ़ने के साथ-साथ मुस्कान गहराती जाती है। वैज्ञानिक ²ष्टिकोण से इस ठंड के बड़े मायने हैं। खासकर रबी की फसलों के लिए यह ठंड बहुत अच्छी है। क्योंकि ठंड में ही गेहूं की फसल अच्छी तरह से ग्रोथ करती है। इस बार लंबी ठंड पड़ने की भी संभावना है, ऐसे में गेहूं की फसल भी अच्छी हो सकती है। खांसी-जुकाम को छोड़ अन्य बीमारियों में आई कमी ठंड आने के बाद खांसी-जुकाम, कोरोना को छोड़कर अन्य बीमारियों में भी सामन्य रूप से कम देखने को मिल रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1500 से घटकर 800 तक आ गई है। ठीक इसी प्रकार कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी भी 2500 से घटकर 1600 के करीब पहुंच गई है। इस माह के अंत तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री गिरावट के साथ 8.0 डिग्री तक पहुंचा अब रातें ओर अधिक सर्द होनी शुरू हो गई है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुबह के समय नमी की मात्रा 95 फीसद दर्ज की गई। शाम तक नमी में ओर अधिक गिरावट संभव है। हवा 3.8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में ठंड और बढ़ेगी। ठंड से कृषि पर असर क्या? कृषि विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डा. एसपी तोमर के अनुसार कोहरा पड़ने व तापमान में गिरावट होने से किसानों को रबी फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद है। सर्दियों का मौसम में जैसे-जैसे तापमान गिरता है रबी फसलें गेहूं, सरसों, चना, मटर, गन्ने आदि की फसलों को व्यापक स्तर पर फायदा पहुंचने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है। दिसंबर में रिकार्ड तोड़ सकती है ठंड मौसम विभाग के मुताबिक दिसंबर माह में इस बार ठंड रिकार्ड तोड़ सकती है। अभी मौसम साफ होने की वजह से दिन में लोगों को राहत जरूर मिल रही है। मौसम की परिस्थितियां इस समय जिस प्रकार की बनी हुई हैं उससे मौसम विभाग की ओर से न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। दिसंबर माह में ठंड रिकार्ड तोड़ हो सकती है।

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