संवाद सूत्र, कुंजपुरा: एक भैंस के मालिकाना हक पर दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि कुंजपुरा पुलिस को इस पशु को ही हिरासत में लेना पड़ा। थाने में चारे और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई घंटे तक भैंस भूख और प्यास से तड़पती रही। थाना प्रभारी के प्रयासों से कई घंटों बाद दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझा तो पशुमालिक भैंस ले जाने पर राजी हुआ।

दरअसल विवाद उस समय हुआ जब कुंजपुरा के निकट गांव नबीपुर निवासी एक किसान के गेहूं के खेत में एक भैंस घुस गई। भैंस ने गेहूं की कच्ची फसल को खराब करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे खेत मालिक ने भैंस को पकड़ लिया और पशु मालिक को बताया। मामला उस समय पेचीदा हो गया जब भैंस मालिक ने खेत मालिक से कहा कि यह भैंस उसकी नहीं है तो भैंस मालिक ने भैंस चोरी किए जाने का आरोप जड़ते हुए खेत मालिक के खिलाफ ही पुलिस में शिकायत दे दी।

इसी बीच पुलिस ने खेत मालिक को थाने में बुलाया तो वह भैंस लेकर थाने में पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने चोरी किए जाने की आशंका में भैंस को हिरासत में ले लिया। कई घंटे तक दोनों पक्षों के बीच थाना परिसर में ही विवाद बना रहा। थाना प्रभारी और मामले के जांच अधिकारी की ओर से काफी प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों में बड़ी मुश्किल से विवाद सुलझ पाया, जिसके बाद भैंस उसके मालिक के सुपुर्द की गई।

इस संबंध में कुंजपुरा थाना प्रभारी मुनीष कुमार का कहना है कि चोरी किए जाने की सूरत में पुलिस माल मुकदमा के तौर पर कानूनन पशु को भी कब्जे और हिरासत में ले सकती है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी सहमति से विवाद सुलझ गया है। भैंस उसके मालिक के सुपुर्द कर दी गई है।

Edited By: Jagran