जागरण संवाददाता, करनाल : हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के साथ-साथ थर्ड रजिस्ट्रेशन प्लेट स्टीकर अनिवार्य किया गया है। यातायात विभाग की ओर से वाहनों पर नंबर प्लेट व स्टीकर न होने पर चालान का प्रावधान है। इस स्टीकर पर वाहन के नंबर सहित होलोग्राम बना होता है, जिस पर वाहन के इंजन और चेसिस नंबर इंगित होते हैं। पेट्रोल के लिए नीला, डीजल के लिए नारंगी और बैटरी चलित वाहनों के लिए ग्रे रंग का होता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) और थर्ड रजिस्ट्रेशन प्लेट स्टीकर अनिवार्य है।स्टीकर के लिए एचएसआइपीएचआरडॉटकॉम साइट पर आवेदन करना होता है, जबकि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में ई-दिशा केंद्र में वाहन की आरसी के साथ लगभग 400 रुपये फीस जमा करवानी होती है। चंडीगढ़-दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में चलने वाले जागरूक वाहन चालक अपने वाहन पर स्टीकर लगवाने लगे हैं।

नंबर प्लेट के लिए सेक्टर-12 ई-दिशा केंद्र में आवेदन

नए वाहन की खरीद करने पर संबंधित एजेंसी नंबर प्लेट और स्टीकर की जिम्मेदारी लेती है। इसके अलावा, एक वर्ष तक पुराने वाहन चालकों को भी संबंधित वाहन एजेंसी से संपर्क करना होगा। इससे पहले के वाहन चालक स्टीकर के लिए एचएसआइपीएचआरडॉटकॉम साइट पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए लघु सविचालय स्थित ई-दिशा केंद्र में संबंधित विडो पर मूल आरसी के साथ वाहन चालक आवेदन कर सकते हैं। आरटीए कार्यालय में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सहित स्टीकर लगवाने के लिए चालकों की आवाजाही बड़ी है।

आवेदन के लगभग पांच से छह दिन में नंबर प्लेट

एडीसी वीना हुड्डा ने बताया कि सभी वाहन चालकों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ पेट्रोल, डीजल व बैटरी चलित वाहनों के लिए अलग-अलग स्टीकर अनिवार्य है। इसके अलावा, वाहन की सुरक्षा के लिए खास स्टीकर लगाना अनिवार्य है। आरटीए कार्यालय में वाहनों की नंबर प्लेट के लिए काउंटर स्थापित किया है। जहां लोगों को आवेदन पर्ची दिखाने पर ही नंबर प्लेट दी जाती है। जागरूक वाहन चालक इसे गंभीरता से ले रहे हैं, जबकि कुछ वाहन चालक अभी गंभीर नहीं हैं। इस संबंध में विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

लंबे समय से धूल फांक रही नंबर प्लेट

यातायात नियमों को लेकर वाहन चालकों के अलावा प्रशासन भी गंभीर नहीं है। इस प्लेट की जगह वाहन चालक भी आकर्षक फैंसी नंबर प्लेट लगवाना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में आरटीए कार्यालय में करीब तीन हजार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स धूल फांक रही है, जिन्हें अपने मालिकों का इंतजार है। आरटीए कार्यालय के स्टोर में धूल फांक रही इन नंबर प्लेट्स में से करीब 40 फीसद नंबर प्लेटों को पांच साल से अधिक समय हो गया है। इन नंबर प्लेट्स की ओर न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही वाहन मालिक इन्हें वाहनों पर लगवाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद वाहन चालक अपनी नंबर प्लेटों को लेने में गंभीर नहीं हैं।

Edited By: Jagran