जागरण संवाददाता, करनाल :

उत्तर भारत में शीत लहर व धुंध आफत बनकर गिर रही है। ठंड और शीतलहर ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जैसे जिदगी ठहर सी गई हो। बुधवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में रिकार्ड गिरावट के साथ 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। वहीं देश के शीर्ष 10 ठंडे शहरों में हरियाणा के करनाल सहित चार जिले शामिल हैं। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के भीलवाड़ा में 1.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हरियाणा के हिसार में 2.2 डिग्री, नारनौल में 2.3, पंजाब के अमृतसर में 2.4 डिग्री, लुधियाना में 2.4 डिग्री, राजस्थान के सीकर में 2.5, करनाल में 2.6, राजस्थान के चितौड़गढ़ में 3.0 डिग्री, मध्यप्रदेश के खजूराहो 3.0 व रोहतक में 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हरियाणा में घनी धुंध भी देखने को मिली है। दृश्यता शून्य दर्ज की गई। जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई है। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अलावा का सहारा लेना पड़ा।

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क बना मौसम

हरियाणा के अधिकांश जिलों में इस समय मौसम शुष्क बना हुआ है। पिछले सप्ताह तराई क्षेत्रों को छोड़कर कहीं भी बारिश नहीं हुई। 24-25 जनवरी से शुरू हुई उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है। इस सप्ताह 27 व 28 जनवरी को अंबाला, करनाल और नारनौल आदि जिलों में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिला। उत्तर दिशा से चलने वाली बर्फीली हवाओं के प्रभाव से रात के तापमान में कमी बनी हुई है। दिन के तापमान भी इस समय सामान्य से नीचे ही बने हुए हैं।

पश्चिमी विक्षोभ 2-3 को होगा सक्रिय

28 जनवरी से लेकर 2 फरवरी के बीच हरियाणा में सभी जगहों पर मौसम शुष्क ही बने रहने की संभावना है। 2 और 3 फरवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में जम्मू कश्मीर के पास पहुंचेगा जिसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। शीतलहर के प्रकोप से लोगों को राहत मिल जाएगी। हालांकि 27 से 30 जनवरी के बीच हरियाणा के कुछ भागों में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा।

टमाटर के लिए खेत करें तैयार

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि टमाटर की दूसरी फसल के लिए खेत को तैयार करने के लिए अभी समय बिल्कुल मुफीद है। बिजाई से पहले टमाटर के बीजों को 2.5 ग्राम एमिसान या कैप्टान दवा से प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करें। कम तापमान होने के कारण अंकुरण तथा पौध की वृद्धि धीमी, जल्दी अंकुरण तथा पौध को पाले से बचाने के लिए नर्सरी को रात में पोलीथिन से ढक कर रखें।

Edited By: Jagran