संवाद सूत्र, निसिग : क्षेत्र में गेहूं बिजाई का कार्य जोरों से चल रहा है। इसमें किसानों को फसल की बेहतर पैदावार लेने के लिए कई बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ज्यादातर किसान गेहूं बिजाई के समय अक्सर घर का बीज ही इस्तेमाल करते है। कुछ किसान उसी खेत के बीज को उसी खेत में कई वर्षो तक बिजाई करते रहते है। इससे फसल की पैदावार घटती है। खंड कृषि अधिकारी असंध डॉ. राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि कहा कि गेहूं की बेहतर पैदावार लेने के लिए एक ही बीज की बार-बार खेतों में बिजाई न करें। हर बार नया बीज खरीदकर बिजाई करने का प्रयास करें। यदि वह घर का बीज ही बिजाई करना चाहता है तो एक खेत का बीज दूसरे खेत में बिजाई कर दे। बिजाई से पूर्व करें बीजोपचार

डॉ. राधेश्याम ने बताया कि बीजोपचार से फसल में आने वाली कई बीमारियों से रोकथाम होती है। किसान दीमक वाले खेत में बिजाई से एक दिन पूर्व कलोरोपाइफास दवा का घोल बनाकर बीज में मिलाएं। जबकि बिजाई से कुछ देर पहले कारबंडाजिम और टेबाकोनाजोल दवा से बीजोपचार करें। बिजाई के साथ दी जाने वाली अनिवार्य खुराक

उन्होंने बताया कि किसान प्रति एकड़ 45 किलोग्राम बीज खेत में डालें। छींटा बिजाई करने वाले किसान इससे ज्यादा बीज डाल सकते हैं। क्यों कि छींटा बिजाई के समय कुछ बीज ऊपर आ जाता है। कुछ हेरों द्वारा बनाई गई खाई में अधिक नीचे चला जाता है। जिसका पौधा बनकर ऊपर नही आता। जबकि डीरो ड्रिल से बिजाई किया गए पूरे बीज का जमाव होता है। फसल के सही जमाव व पूरे फूटाव के लिऐ बिजाई के समय उर्वरक डालना अनिवार्य है।

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