प्रदीप शर्मा, करनाल

असंध विधानसभा सीट के 48 साल के राजनीतिक इतिहास में कांग्रेस का दूसरी बार विधायक चुना गया। इससे पहले 2005 में कांग्रेस प्रत्याशी राजरानी पूनम ने इनेलो प्रत्याशी कृष्णलाल पंवार को 12545 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। अब 14 साल के वनवास के बाद कांग्रेस ने असंध विधानसभा सीट पर फिर से वापसी की है। कांग्रेस प्रत्याशी शमशेर सिंह गोगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी नरेंद्र राणा को 1703 वोटों से हराकर जीत का परचम लहराया है। असंध विधानसभा के राजनीतिक इतिहास की बात करें तो कांग्रेस ने ही यहां पर इनेलो के गढ़ को तोड़ा था। 2014 के चुनाव में भाजपा इस सीट पर कब्जा करने में कामयाब तो हो गई थी, लेकिन इस चुनाव में कांग्रेस ने फिर से वापसी कर ली है। 2014 के चुनाव में भाजपा से बख्शीश सिंह विर्क ने बसपा प्रत्याशी मराठा वीरेंद्र वर्मा को 4608 वोटों से हराया था। वर्ष 1977 में वजूद में आई इस सीट पर इनेलो के कृष्ण लाल पंवार ने यहां जीत की हैट्रिक जमाई थी। वे 1991, 1996 और 2000 में यहां से विधायक बने। 1967 से लेकर 2014 तक असंध विधानसभा की दलगत स्थिति क्या रही

चुनावी वर्ष विजेता पार्टी रनर अप पार्टी

1977 जोगी राम जनता पार्टी कर्म चंद कांग्रेस

1982 मनफूल सिंह लोकदल जोगी राम कांग्रेस

1987 मनफूल सिंह लोकदल ‌र्स्वण कुमार कांग्रेस

1991 कृष्ण पंवार जनता पार्टी कर्म चंद कांग्रेस

1996 कृष्ण पंवार समता पार्टी राजेंद्र विकास पार्टी

2000 कृष्ण पंवार इनेलो राजरानी कांग्रेस

2005 राजरानी कांग्रेस कृष्ण पंवार इनेलो

2009 जिलेराम शर्मा हजकां रघुबीर सिंह निर्दलीय

2014 बख्शीश सिंह भाजपा वीरेंद्र मराठा बसपा

2019 शमशेर गोगी कांग्रेस नरेंद्र राणा बसपा

Posted By: Jagran

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