संवाद सहयोगी, घरौंडा : विधानसभा चुनावों के दंगल में प्रत्याशियों के परिवारों की महिलाएं भी मैदान में उतर चुकी हैं। विधानसभा प्रत्याशी अपनी अलग टीम लेकर चुनाव प्रचार कर रहा है तो घर की महिलाएं अपनी अलग टीम बनाए हुए हैं। भाजपा प्रत्याशी हरविद्र कल्याण की पत्नी रेशमा कल्याण भी मोर्चा संभाले हुए है। रेशमा कल्याण के मुताबिक, वह पति के साथ ही सुबह पांच बजे उठ जाती है और नौ बजे तक घर के सभी जरूरी काम निपटाकर अपनी टीम के साथ डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार पर निकल जाती हैं। उनकी टीम में लगभग 30 से ज्यादा महिलाएं होती है। इस दौरान ना तो कुछ खाने पीने की सुध होती है और ना ही टाईमिग की। कभी पांच बज जाते हैं तो कभी रात के आठ बजे तक चुनाव प्रचार जारी रहता है।

निवर्तमान विधायक की पत्नी ने घरौंडा शहर का मोर्चा संभाला हुआ है तो बेटी ऐशना कल्याण ग्रामीण क्षेत्र में जुटी हुई है, जो एक दिन में 18 से 20 गांव कवर करती हैं। चुनाव प्रचार के बाद जब थके हारे अपने घर पहुंचते है तो एक-दूसरे से पूरी दिनचर्या की फीडबैक लेते हैं। रेशमा कल्याण का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों का सकारात्मक रूख देखने को मिल रहा है जिसकी सबसे बड़ी वजह उनके पति हरविद्र कल्याण का मिलनसार स्वभाव तथा विधायक पद पर रहते हुए पांच साल के दौरान करवाए गए विकास कार्य हैं। उन्होंने बताया कि निवर्तमान विधायक विधानसभा घरौंडा में इतने विकास कार्य इसलिए करवा पा हैं, क्योंकि प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल का इस क्षेत्र पर विशेष सहयोग रहा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहर लाल की विकास परक सोच ने आज देश और प्रदेश को प्रगति पथ पर अग्रसर किया है।

Posted By: Jagran

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