करनाल, नरेंद्र पंडित।  जिला परिषद पार्षद व ब्लाक समिति सदस्य के परिणाम घोषित होने के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो चला है। पार्षद और समिति सदस्य बनने के बाद अब बड़ी चौधर यानी चेयरमैनी को लेकर पैंतरे आजमाए जा रहे हैं। जिला परिषद का चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित है। इसको देखते हुए पति अपनी पत्नी को व अन्य भी बहू-बेटियों को प्रधानगी दिलाने के लिए दौड़-धूप करने में जुट गए हैं। इसको लेकर राजनीतिक दिग्गजों के पास डेरा डाला जा रहा है ताकि कोई कमी न रह सके। दिग्गज भी अपने अनुभव के आधार पर सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर, हारे हुए प्रत्याशी अपनी हार के आंकड़ों की गुणा-भाग में जुटे हैं।

संपर्क साध रहे पार्टियों के नेता

जिला परिषद के पार्षद पद के चुनाव किसी भी राजनीतिक पार्टी ने सिंबल पर नहीं लड़ा, लेकिन अंदर खाते अधिकतर पार्षद या उसका परिवार किसी न किसी पार्टी से संबंध रखते हैं। ऐसे में विभिन्न पार्टियों के जिला स्तरीय नेता आलाकमान के निर्देश पर पार्षदों से संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। लगभग हर पार्टी के नेता पार्षदों को पार्टी में लेकर अपनी पार्टी का चेयरमैन बनाना चाह रहे हैं।

पिछली बार भी महिला थी प्रधान

पिछली बार की तरह अब की बार भी जिला परिषद की सरकार महिला के हाथ में होगी। अब की बार भी प्रधानगी का पद महिला के आरक्षित है। ऐसे में महिलाओं भागीदारी निरंतर राजनीति में बढ़ रही हैं और इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा भी रही हैं। पिछले प्लान में माजरा रोडान से ऊषा मैहला जिला परिषद की चेयरपर्सन रही और विकास कार्यों को गति दी थी।

ये महिलाएं बनी जिला परिषद पार्षद

अब की बार 25 जिला परिषद पार्षदों में 12 महिलाएं चुनाव जीती हैं। इनमें वार्ड दो से गीता देवी उड़ाना, चार से सविता कमालपुर रोडान, छह से अल्का राणा पधाना, नौ से सुषमा देवी ब्रास, 11 से रेनू देवी खेड़ी नरु, 12 निकिता राणा औंगद, 14 से प्रवेश कुमार बड़ा गांव, 16 से रीना खरखाली, 18 से राजेश कुमारी अराईपुरा, 20 से किरण रानी गुढ़ा, 23 से सोनिया राहड़ा व वार्ड 24 से पूजा देवी जयसिंहपुरा शामिल है।

अधिकारी के अनुसार

जिला परिषद चेयरमैन पद महिला वर्ग के लिए है। महिलाओं की भागीदारी राजनीति में बढ़ रही है और इस जिम्मेदारी को भी वह अच्छे से निभा रही हैं।

---राजबीर खुंडिया, डीडीपीओ।

Edited By: Naveen Dalal

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