जागरण संवाददाता, करनाल

एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के तत्वावधान में जिलेभर के फार्मासिस्ट पांचवें दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। फार्मासिस्टों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर मुंह पर काली पट्टी बांधकर रोष जताया। जिला प्रधान रोहित कौशिक ने कहा कि फार्मासिस्ट अपने पे-ग्रेड 4600 की मांग पर धरने पर बैठे हैं। इस कारण मरीज महंगा इलाज कराने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जिला नागरिक अस्पताल के लिए 522 कंपोनेट में से 170, सामुदायिक केंद्र में 370 कंपोनेट में से 150 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 225 कंपोनेट में से 120 कंपोनेट ही उपलब्ध हैं। उक्त दवाओं का गैप फार्मासिस्ट लोकल परचेज करके मरीजों को उपलब्ध कराता है। लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर और इनडोर मरीजों के लिए दवाओं की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर है।

जिला चीफ फार्मासिस्ट मधु सूदन खुराना ने कहा कि पांच दिनें से फार्मासिस्टों के धरने की वजह से घरौंडा, बड़सत, चौरा, इंद्री, भादसो, उपलाना, मधुबन और बड़ौता में पूर्ण रूप से दवाओं की आपूर्ति बंद है। उन्होंने बताया कि फार्मासिस्टों की ओर से मंथली मेडिसिन डिमांड और एनुअल मेडिसिन डिमांड न देने की वजह से भी आने वाले दिनों में दवाओं की आपूर्ति ठप्प होने की स्थिति में पहुंच गई है।

इस मौके पर कुलबीर मान, राजेश सिगला, राकेश आहूजा, प्रदीप, अशोक, राकेश, कुलदीप, रजत, अरविद, महिद्र, राजेश गर्ग, पुनीत, नरेश गर्ग, ममता, नीलम, राजवंती, सतीश, राजकुमार, दर्शनलाल, श्याम लाल मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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