जागरण संवाददाता, करनाल : भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय की ओर से खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए धान खरीद और चावल अधिप्राप्ति पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता निगम के उप महाप्रबंधक प्रदीप सिंह ने की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार मंडियों में लाई गई उपज के लिए किसानों को सीधे उनके खातों में त्वरित भुगतान पर जोर दिया। उन्होंने मंडी के सुचारू संचालन के लिए खरीदे गए धान के त्वरित उठान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ताकि सभी किसान भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से लाभान्वित हो सकें।

हरियाणा राज्य को दिए जाने वाले फोर्टिफाइड चावल के लक्ष्य पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा को 40 लाख टन अपेक्षित कस्टम मिल्ड चावल (सीएमआर) में से 20 लाख टन फोर्टिफाइड चावल का लक्ष्य दिया गया है, जिसका अर्थ है कि फोर्टिफाइड चावल का 50 प्रतिशत सीएमआर लिया जाना है। भारत सरकार द्वारा देश में खरीफ 2021-22 के तहत 200 लाख टन फोर्टीफाइड चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने चावल के स्टाक के पुनर्चक्रण को रोकने के लिए सीएमआरकी स्वीकृति के दौरान मिल्ड चावल की आयु निर्धारित करने के लिए मिक्सड इंडीकेटर मैथ्ड की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने सरकार के निर्देश अनुसार वर्तमान खरीफ सीजन में सीएमआर के प्रस्तावित लाट की अंतिम स्वीकृति से पहले इस मैथ्ड से उसका परीक्षण किया जाएगा। हरा व एवोकाडो हरा देने वाले नमूने को ही स्वीकार किया जाएगा जबकि कोई अन्य रंग यानि पीला, पीला नारंगी और नारंगी जो पुराने स्टाक को इंगित करता है, उसको सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा। अधिकारी विनोद कुमार मीना चावल प्राप्ति की प्रक्रिया से संबंधित सभी पहलुओं पर जानकारी दी।

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