जागरण संवाददाता, करनाल : नगर निगम आयुक्त विक्रम ने सोमवार को निगम के संबंधित अधिकारियों के साथ स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। आयुक्त के अनुसार आगामी मार्च के महीने में केंद्रीय मंत्रालय की टीम शहर में आकर साफ-सफाई का जायजा लेगी। इसी महीने में केंद्र की ही एक अलग टीम गारबेज फ्री सिटी के लिए क्या कुछ किया गया है, उसका भी मूल्यांकन करेगी। निगम के लिए दोनों विषय महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन पर फोकस रखकर काम किया जा रहा है।

निगमायुक्त ने बताया कि करनाल प्रदेश का अकेला ऐसा शहर है, जो दो बार जीएफसी में 3 स्टार हासिल कर चुका है। इसी उपलब्धि से उत्साहित इस बार 7 स्टार हासिल करने का लक्ष्य लिया गया है, इसके लिए अच्छी मेहनत की जाएगी। यदि सफलता मिली तो करनाल का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा।

7 स्टार का टैग हासिल करने के यह हैं मापदंड

आयुक्त ने बताया कि 7 स्टार रेटिग में स्वच्छ भारत मिशन चेन के तहत समग्र मूल्यांकन को प्रकल्पित या मुमकिन करने को सुनिश्चित बनाया जाएगा। इसमें करीब 12 पैरामीटर जोड़े गए हैं, जिनमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सोर्स सेग्रीगेशन, सार्वजनिक, वाणिज्यिक और रिहायशी क्षेत्रों में साफ-सफाई, अपशिष्ट दान, कचरा दान और मैटीरियल रिकवरी फैसीलिटी सेंटर को सुचारू रखना, प्लास्टिक के प्रतिबंध के लिए यूजर फीस, दंड व मौके पर ही जुर्माना लगाने जैसे कदम उठाना, कचरा व लैंड फिलिग को लेकर विज्ञानिक तरीके से निस्तारण, नागरिक शिकायत निवारण की फीडबैक प्रणाली, अपरिष्कृत कचरे की डंपिग और उसका उठान, बरसाती पानी नाले व जलाश्यों की सफाई, शहरी सुंदरीकरण तथा कचरा घटाव जैसे पैरामीटर शामिल हैं।

आयुक्त ने बताया कि काछवा रोड स्थित स्लाटर हाउस में स्थापित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को सुचारू बनाए रखने के लिए राम नगर क्षेत्र में स्थित डेयरियों से निकलने वाले गोबर को पहुंचाएंगे। सब्जी मंडियों से रोजाना निकलने वाले गीले कचरे को भी इसी प्लांट में पहुचाएंगे, ताकि वहां बिजली का उत्पादन होता रहे। इस कार्य के लिए सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाई गई है, जो मंडी दुकानदारों व रेहड़ी वालों को जागरूक करेंगे।

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