मिशन एडमिशन

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जागरण संवाददाता, करनाल : उच्चतर शिक्षा विभाग की तेजी के बावजूद अभी तक कालेजों में यूजी कक्षाओं के दाखिले नहीं हो पाए हैं। पांच नवंबर को ओपन काउंसिलिग द्वारा दाखिले की अंतिम तिथि है। वहीं अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण कालेजों में अभी तक इन कक्षाओं की पढ़ाई भी शुरू नहीं हो पाई है। हालात ये हैं कि यूजी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी अगर अब पढ़ाई शुरू करता है तो इस वर्ष के फाइनल पेपर का शेड्यूल कैसा रहेगा, फिलहाल इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

कोरोना काल के चलते युवाओं को अपने भविष्य की चिता रही है और अभी तक कालेजों में दाखिला प्रक्रिया को सिरे नहीं चढ़ाया गया है। कालेजों में फिजिकल ओपन काउंसिलिग प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों को दाखिले दिए जा रहे हैं और वीरवार को इसकी अंतिम तिथि है। अधिकतर नामी कालेजों में मुख्यधारा के पाठ्यक्रमों की सीटें नाममात्र बची हैं। इस समय सभी कॉलेजों में तकनीकी पाठ्यक्रमों की सीट खाली पड़ी हैं। इनमें एडमिशन के लिए विद्यार्थियों के पास वीरवार को अंतिम तिथि है। जबकि छह नवंबर को शेष खाली बची सीटों का ब्यौरा बनेगा। आरक्षित खाली बची सीटों को जनरल में मर्ज कर दिया जाएगा। इधर कालेजों और यूनिवर्सिटी को खोलने के लिए डीएचई का सर्कुलर जारी हुआ है, जिसके अनुसार अभी कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करनी होगी और 16 नवंबर से कॉलेज भी खोले जा सकते हैं।

डीएवीपीजी कॉलेज के प्राचार्य आरपी सैनी ने बताया कि खाली सीटों पर दाखिले के लिए फिजिकल ओपन काउंसिलिग के तहत दाखिले के लिए पांच नवंबर अंतिम तिथि है। किसी कारणवश दाखिले से वंचित विद्यार्थी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही हैं और यूजी कक्षाओं को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देश को अमल में लाया जाएगा।

Edited By: Jagran