करनाल, जागरण संवाददाता : कुरुक्षेत्र में हैफेड के गोदाम निर्माण में हुए घोटाले के मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्य आरोपित ठेकेदार शशांक गर्ग से दो करोड़ 12 लाख रुपये बरामद किए हैं। रिमांड अवधि पूरी होने पर ठेकेदार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर और हैफेड के अधिकारियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस मामले में अभी एक और आरोपित की गिरफ्तारी बाकी है।

मामले की जांच कर रहे स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि कुरुक्षेत्र में हैफेड के गोदाम निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत के बाद अंबाला विजिलेंस ने 30 अगस्त 2022 को आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इनमें ठेकेदार शशांक गर्ग, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एसई राजीव जैन, हैफेड के एसडीई सुमित कुमार, जेई राजेश सिरोही व विभोर नागपाल, अकाउंटेंट राजबीर सिंह, प्रेम सिंह और एसई एपी बख्शी शामिल थे। मामले की जांच स्टेट विजिलेंस को सौंपने के बाद आठ में से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। ठेकेदार शशांक गर्ग से दो करोड़ 12 लाख रुपये बरामद किए गए हैं और उससे इतनी ही रकम बरामद की जानी थी। डीएसपी ने बताया कि बुधवार को ठेकेदार का रिमांड सामप्त हो गया। अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में एसई एपी बख्शी की गिरफ्तारी बाकी है, जिसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

ठेकेदार पर कैथल में भी केस

ठेकेदार शशांक गर्ग का नाम इस तरह की अनियमितताओं में नया नहीं है। काफी पहले से निर्माण कार्यों में घोटालों से जुड़े विभिन्न मामलों में उसकी संलिप्तता की बात सामने आती रही है। हैरत की बात यह है कि इसके बाद भी दागदार ठेकेदार को बड़े-बड़े निर्माण कार्यों के लगातार ठेके मिलते रहे। इसी का नतीजा है कि अधिकारियों से सांठगांठ करके ठेकेदार लगातार घोटाले करता रहा है। ठेकेदार शशांक गर्ग पर कैथल में भी केस दर्ज है।

ठेकेदार के देश छोड़ने पर रोक

कुरुक्षेत्र में सड़क निर्माण में हुए एक अन्य घोटाले में नाम आने पर कोर्ट ने ठेकेदार शशांक गर्ग का पासपोर्ट जब्त करके उसके देश छोड़ने पर पहले से रोक लगाई हुई है। हालांकि ठेकेदार ने कई बार तरह-तरह के बहाने बनाकर पासपोर्ट की मांग की लेकिन वह तमाम प्रयासों के बावजूद कामयाब नहीं हो पाया।

महंगी गाड़ियों का शौक, करोड़ों के प्लाट

बताया जा रहा है कि घोटालेबाज ठेकेदार शशांक गर्ग महंगी गाड़ियों का शौक रखता है। बीते करीब दस साल में ही ठेकेदार ने सेक्टर-32, नरसी विलेज समेत करनाल के अलग-अलग हिस्सों में करोड़ों रुपये की प्रापर्टी खरीदी है। जांच में ठेकेदार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी सामने आ सकता है। ऐसा होने पर आयकर विभाग व अन्य जांच एजेंसियों की ओर से भी उस पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है

Edited By: Nidhi Vinodiya

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