धान भीगने से भड़के किसान, कृषि मंत्री के सामने जमकर नारेबाजी; खरीद में देरी पर रोष
असामयिक बारिश से करनाल की अनाज मंडियों में धान भीगने से किसानों में भारी गुस्सा है। किसानों ने कृषि मंत्री ...और पढ़ें
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करनाल मंडी पहुंचे हरियाणा के कृषि मंत्री का विरोध।
HighLights
असामयिक बारिश से करनाल मंडियों में धान भीगा, भारी नुकसान
किसानों ने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने विरोध जताया
खरीद में देरी और नमी कटौती पर किसानों का गुस्सा फूटा
जागरण संवाददाता, करनाल। बेमौसमी बारिश ने अनाज मंडियों में व्यवस्था की पोल खोल दी। मंडियों में धान को वर्षा से बचाने के साधन दिखाई नहीं दिए। करनाल अनाज मंडी में धान की कुछ ढेरियां बारिश में भीगती रहीं, तिरपाल की व्यवस्था कुछ ही ढेरियों पर दिखाई दीं।
राइस मिलरों का खरीदा गया धान भी बारिश में भीगता रहा। किसानों का आरोप है कि राइस मिलरों ने धान खरीदकर शेड के नीचे लगा दिया है। किसानों का धान ही भीगा। यदि समय पर उठान होता तो शेड खाली हो जाता और किसानों का धान भीगने से बच जाता।
दूसरी ओर, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को कई अनाज मंडियों में खरीद का जायजा लिया। मंत्री घरौंडा अनाज मंडी में पहुंचे तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और मंत्री के सामने विरोध जताया और नारे लगाए।
मंत्री मार्केट कमेटी कार्यालय से गाड़ी में बैठकर रवाना हो रहे थे, तभी किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
किसान बोले- खरीद प्रक्रिया में हो रही देरी
किसानों का आरोप है कि धान की खरीद में देरी हो रही है। किसान अपनी फसल लेकर कई दिनों से मंडी में बैठे हैं, लेकिन समय पर खरीद नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जब धान की खरीद होती है तो नमी का हवाला देकर प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक की कटौती किए जाने का आरोप है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अनाज मंडी में फोटो खिंचवा रहे नेता
किसानों ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता मंडी में पहुंचकर उनके साथ फोटो खिंचवाते हैं और समस्या के समाधान का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी फसल की समय पर खरीद और उचित भुगतान चाहिए।
17 प्रतिशत नमी होने पर भी खरीद नहीं होने की शिकायत
धान में 17 प्रतिशत तक नमी होने के बावजूद खरीद में दिक्कतें आ रही हैं। किसानों ने कहा कि पहले से खरीद में देरी हो रही है और अब बारिश होने से धान में नमी बढ़ने की आशंका है। यदि समय रहते खरीद नहीं हुई तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
कृषि मंत्री ने मानी खरीद और उठान में कमी
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मंडियों का दौरा किया जा रहा है, ताकि किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किया जा सके।
उन्होंने स्वीकार किया कि मंडियों में धान के उठान की गति कुछ कम है और राइस मिलों की अलाटमेंट भी कम हुई है। उन्होंने कहा कि बेमौसमी बारिश के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
मंत्री को किसानों ने समस्याएं बताईं। खरीद में देरी, नमी के नाम पर कटौती और धान के उठान जैसे मुद्दों को लेकर किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
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