जागरण संवाददाता, करनाल : बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए जिले में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज को फिर कोविड अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में 500 बैड होंगे जबकि इससे पहले 150 बैड को कोविड मरीजों के लिए रखा गया था। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में नॉन कोविड मरीजों को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया जाएगा। वहीं पर ही मरीज का इलाज होगा, परंतु ओपीडी कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी लगातार चलती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कोरोना महामारी से डरने की जरूरत नहीं, सजग व सावधान रहने की जरूरत है। जिला प्रशासन कोविड के उपचार के लिए हर तरीके से तैयार है। डीसी निशांत यादव ने बुधवार को इस बाबत जारी बयान में कहा कि कोरोना महामारी का प्रकोप काफी बढ़ रहा है, जिस कारण 1 सितंबर को करनाल में 200 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इनमें 5 लोगों की मौत भी हुई है जो काफी चिताजनक है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों के लिए करनाल में सभी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहले 150 बैड की व्यवस्था थी, पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिसके कारण आने वाले दो दिनों में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के आइबीडी वार्ड को कोविड अस्पताल बनाया गया है, जिसमें 500 बैड हैं। किसी भी जिलावासी को घबराने की जरूरत नहीं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोरोना के लक्षण खांसी, जुकाम, बुखार या शरीर का टूटना, सांस लेने में तकलीफ आती है तो सबसे पहले वह संबंधित सीएचसी, पीएचसी व कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में अपना कोरोना का टेस्ट करवाए। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर को 5 लोगों की मृत्यु हुई है उनमें से 3 लोग ऐसे थे जिन्हें काफी दिनों से बुखार था परंतु वे अपना उपचार बिना जांच करवाए आरएमपी से करवाते रहे। जब ऑक्सीजन का लेवल काफी नीचे आ गया तब वे मेडिकल कालेज आए, परिणामस्वरूप डाक्टर इन मरीजों का इलाज नहीं कर सके। उन्होंने जनता से अपील की है कि डरने की जरूरत नहीं है, अपना इलाज जरूर करवाएं, अब अधिकतर पॉजिटिव मामलों में घर पर ही स्थिति अनुसार आइसोलेट किया जाता है। सभी 500 बैड पर होगी ऑक्सीजन

डीसी ने कहा कि जिला में 500 बैड का कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है, सभी बैड पर ऑक्सीजन उपलब्ध है, इतना ही नहीं कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में 75 वेंटीलेटर हैं, जिनमें अभी तक 7 वेंटिलेटर को प्रयोग में लाया जा रहा है। उपायुक्त ने जनता को आश्वस्त किया कि कोरोना चाहे जिले में कितना ही पैर पसारे जिला प्रशासन हर स्थिति के लिए तैयार है और सभी स्वास्थ्य सुविधाएं जिले में उपलब्ध हैं। अनधिकृत चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई

आरएमपी व अनाधिकृत डाक्टरों को चेतावनी दी कि वह बुखार, खांसी व अन्य कोरोना के लक्षणों के मरीजों का बिना कोरोना जांच के इलाज न करें। यदि वह ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही कर मुकद्दमा दर्ज किया जाएगा। एक सितंबर को मौत के शिकार बने 2 मरीजों को दवाई देने वाले अनाधिकृत डाक्टरों की पहचान कर ली गई है, उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

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