संवाद सहयोगी, बल्ला : कुछ समय से परिवार पहचान-पत्र में गलत आय की जानकारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन मामलों की जांच के लिए इन दिनों अधिकारी गांव दर गांव पहुंचकर आय सत्यापित कर रहे हैं।

शनिवार को अतिरिक्त निदेशक डा. अजीत ग्रेवाल ऐचला गांव पहुंचे और यहां 15 लोगों की आय की जांच की। डा. ग्रेवाल को प्रदेश सरकार की ओर से ऐचला गांव का संरक्षक नियुक्त किया गया है। डा. ग्रेवाल ने बताया कि पारिवारिक आय की जानकारी में सुधार न होने के कारण कई नागरिक सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। इसके चलते प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि अब कोई भी नागरिक पीपीपी में दिए विवरण के कारण सरकार की योजनाओं से वंचित न हो। इसके लिए अधिकारी गांव दर गांव पहुंचकर आय की जांच कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार फैमिली आईडी से छात्रवृत्ति, सब्सिडी और पेंशन जैसी योजनाओं को जोड़ रही है ताकि पारदर्शिता, शिथिलता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। साथ ही विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी और पेंशन के लाभार्थियों की स्वत: चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जा सके। डा. ग्रेवाल ने कहा कि फैमिली आईडी बनवाते समय इसमें ग्रामीण सही जानकारी भरें। फैमिली आईडी में दी गई जानकारी के अनुसार जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सरकारी योजनाएं तैयार की जा रही हैं। यह योजना उन तक पहुंचे, इसके लिए लोगों की जांच की जा रही है कि उन्होंने अपनी जानकारियां सही दी है या नहीं दी ? गलत जानकारी देने वालों को सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि जिन्होंने अपनी सालाना आमदनी एक लाख रुपए से कम लिखवाई है, ऐचला गांव में उन 15 लोगों की जांच की गई है। इस अवसर पर ग्राम सचिव सुखबीर दहिया, सरपंच सतवीर चौहान मौजूद रहे।

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