जागरण संवाददाता, करनाल : दिल्ली कूच के लिए पंजाब से आ रहे किसानों को रोकने को लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही बॉर्डर की तरह प्रबंध करते रहे। इस बीच सुबह के समय पंजाब से सैकड़ों किसान आए तो कुछ देर संवेदनशील हालात नजर आए। लेकिन बाद में सब सामान्य रहा तो आखिरकार शाम को सभी प्रकार के बेरिकेड्स हटा दिए गए, जिसके बाद दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका। इससे किसानों व वाहन चालकों के साथ-साथ अधिकारी और पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली। वीरवार दोपहर व देर शाम को किसानों द्वारा बेरिकेड्स तोड़कर दिल्ली कूच कर जाने के बाद प्रशासन ने शुक्रवार सुबह फिर किसानों को रोकने के लिए बेरिकेड्स लगा दिए। यहीं पर सुबह करीब सवा दस बजे जब पंजाब से सैकड़ों किसान वहां पहुंचे तो माहौल तनावपूर्ण हो गया लेकिन बाद में वे सर्विस लेन से गुजर गए। इसके बाद प्रशासन ने फिर किसानों को रोकने के लिए तीन लेयर बेरिकेड्स लगाए, जिसमें तारबंदी से लेकर रोड रोलर व रेत एवं बजरी से भरे दर्जनों ट्रकों को खड़ा कर दिया गया।

अधिकारी सुबह से ही ऐसे प्रबंधों में जुटे रहे और करीब 700 पुलिसकर्मी हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंधों के साथ तैनात रहे। डीसी निशांत यादव व एसपी गंगाराम पूनिया खुद सभी प्रबंधों की निगरानी करते रहे। शाम करीब सवा पांच बजे तक अधिकारी किसानों के यहां पहुंचने की इंतजार करते रहे, लेकिन इसी दौरान सभी प्रकार की नाकेबंदी हटा दी गई, जिसके बाद वाहन यहां से गुजरने लगे। वाहनों की भीड़ के चलते देर रात तक कर्ण लेक से लेकर बलड़ी बाईपास चौक जाम के हालात नजर आए, जिसे खुलवाने में पुलिस के पसीने छूटे रहे।

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