संवाद सूत्र, निसिग (करनाल): जिले में प्रतिबंधित दवाओं और नशे के कैप्सूल का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी मंगलवार को ही दो लोगों को अवैध रूप से एमटीपी किट के साथ काबू किया था। आज एक मामले में 1200 प्रतिबंधित कैप्सूल के साथ पकड़ लिया। यह मामला निसिग में सामने आया। यहां एक आरोपित प्रतिबंधित ट्रामाडोल के कैप्सूल के साथ पकड़ में आया है। एंटी नारकोटिक सेल की टीम गत देररात को रोड़ी साहब गुरुद्वारा के पास गश्त कर रही थी। तभी गुप्त सूचना मिली कि एक युवक नशीली दवाओं का जखीरा लेकर निसिग-डाचर रोड पर स्थित ड्रेन पुल पर खड़ा है, जो इसे सप्लाई करना चाहता है। प्लास्टिक बैग में रखे थे कैप्सूल

ईएएसआइ जोगिद्र सिंह, एचसी रविद्र और विकास, ईएचसी अश्वनी कुमार की टीम ने तत्काल ही छापेमारी की। प्लास्टिक बैग लिए युवक को काबू कर लिया। आरोपित की पहचान गांव डाचर वासी जितेंद्र के तौर पर हुई, जबकि उसकी तलाशी के लिए डीएसपी असंध गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। तलाशी लिए जाने पर आरोपित के बैग से ट्रामाडोल नामक दवा के 1200 कैप्सूल बरामद किए। नहीं दिखा पाया कोई कागजात

इस संबंध में जिला औषधी नियंत्रक रितु मेहला से संपर्क किया और उन्होंने टीम को बताया कि ये दवा प्रतिबंधित है। आरोपित इन कैप्शूल के संबंध में कोई कागजात भी नहीं दिखा पाया। टीम ने आरोपित को काबू कर लिया तो बाद में उसके खिलाफ निसिग थाने में केस भी दर्ज कर लिया गया। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है, जिससे मुख्य आरोपित तक पहुंचा जा सके। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले

बता दें कि इससे पहले निसिग और असंध क्षेत्र में ही पिछले डेढ़ माह के दौरान प्रतिबंधित दवाओं के साथ चार आरोपित एंटी नारकोटिक्ससैल की टीम काबू कर चुकी है। एक आरोपित से आठ हजार कैप्सूल भी बरामद किए गए थे। इन कैप्सूल की सप्लाई राजस्थान के सीकर से की गई थी। उधर, पकड़े गए आरोपित ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि वह ये कैप्सूल सस्ते दाम पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के गांव कैराना से लेकर आता था और यहां महंगे दाम पर बेच देता था। पिछले कुछ दिनों से वह इस धंधे में संलिप्त है। एमटीपी किट बेचने वाले आरोपितों को भेजा जेल

संस, घरौंडा: अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने के आरोपित दो मेडिकल स्टोर्स संचालकों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। अदालत ने इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिला स्वास्थ्य विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर कैमला गांव के ओम तत्सत और बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी। मंगलवार को छापेमारी में बालाजी मेडिकोज और ओम तत्सत मेडिकल स्टोर से एक-एक एमटीपी किट बरामद की। दोनों स्टोर संचालक एमटीपी बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन बेच रहे थे। जबकि ओम तत्सत मेडिकल स्टोर संचालक के पास कोई लाइसेंस भी नहीं था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों दीपक और सोनू को पुलिस के हवाले कर दिया।

वर्जन

स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो स्टोर संचालकों को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायालय में पेश किया है। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच जारी है।

विनोद कुमार, जांच अधिकारी, थाना घरौंडा

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