जागरण संवाददाता, करनाल : कपड़े की सिलाई कर परिवार का गुजारा करने वाला कारसा डोड निवासी कृष्ण खौफजदा है। किसी और से नहीं, सेवा, सुरक्षा और सहयोग का दावा करने वाली पुलिस से। कृष्ण के अनुसार जबसे सीआइए-2 के हेडकांस्टेबल का ऑडियो वायरल हुआ है, उसकी परेशानी बढ़ गई है। इतना डर चुका है कि कई दिनों से डांड की दुकान ही नहीं खोली। घर पर ही कपड़े सिलकर परिवार का गुजारा चलाने पर मजबूर है।

कृष्ण की मानें तो उस पर लगातार बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी सप्ताह तीन व्यक्ति उसके घर तक पहुंच गए। इन्होंने खुद को सीआइए-1 का स्टाफ बताया। इनमें से दो के पास पिस्टल भी थी। यह देखकर पत्नी व बच्चे सहम गए। कृष्ण ने आरोप लगाया कि तीनों ने उस पर गलत बयान देने का दबाव बनाते हुए कहा कि 19 अगस्त को उसके घर पर हुई रेड करने की बात से साफ इंकार कर दे। उसने मना किया और गलत बयान देने का कारण पूछा तो तीनों चले गए।

आखिर कौन थे, जो घर तक पहुंच गए

कृष्ण का कहना है कि दो-तीन दिन पहले उसके घर पर तीन पुलिसकर्मी आए थे। सवाल उठता है कि आखिर खुद को सीआइए-1 से बताने वाले यह शख्स कौन थे। इन्होंने घर में रेड नहीं होने का बयान देने के लिए क्यों कहा? दबाव बनाने के पीछे उनकी मंशा क्या थी। यदि आरोपितों ने इन्हें भेजा था तो मामला और संगीन हो जाता है। ऐसे में उनके खिलाफ और कार्रवाई बनती है। पुलिस को इनकी भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।

विनोद को ढील क्यों

कृष्ण के बयान से साफ है कि उस पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ताकि वह अपने बयान बदल दे और आरोपित पुलिसकर्मी आसानी से बाहर आ सकें जबकि होना यह चाहिए था कि पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपितों से सख्ती से पूछताछ करती। उनकी संलिप्तता है तो फौरन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। कृष्ण ने कहा कि इस केस में विनोद का सीधा हाथ है। बेगुनाह होने के बाद भी उस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई लेकिन वह जांच में भी शामिल नहीं हो रहा है। जांच तो गाड़ी में बैठे कर्मचारी की भी होनी चाहिए।

परिवार के लिए मुसीबत बन गई एयरगन

कृष्ण ने बताया कि यह एयरगन उसके परिवार के लिए मुसीबत बन गई है। उसकी अपील है कि उसे परेशान न किया जाए। दिन-रात मेहनत करता हूं। ताकि परिवार के लिए दो जून की रोटी कमाना सकूं। एक ही गुजारिश है कि इस झूठे मामले में न घसीटा जाए।

यह है मामला

कारसा डोड निवासी कृष्ण के अनुसार सीआइए-2 की टीम ने 19 अगस्त को उसके घर रेड की। तीन पुलिसकर्मी निजी गाड़ी में आए थे। दो ने उससे कहा कि उसके घर देसी कट्टा होने की शिकायत मिली है। उसने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। पुलिसकर्मी घर से एयरगन ले गए। इसके बाद देसी कट्टे के केस का दबाव बनाया गया। उसे घर से उठाने का प्रयास तक किया। इसके बाद से लगातार उसे फोन कर परेशान किया गया। इसी बीच गांव के अन्य युवक ने उससे रिश्वत मांगने की ऑडियो वायरल कर दी। आरोपित हेडकांस्टेबल सत्यवान पर करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है। वह फिलहाल जेल में है। डीएसपी हेडक्वार्टर मामले की जांच कर रहे हैं।

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मामले की जांच कर रहे हैं। मैं आज बाहर हूं। करनाल आकर ही केस के बारे में कुछ बता सकता हूं।

रमेशचंद, डीएसपी हेडक्वार्टर, करनाल

Posted By: Jagran