जागरण संवाददाता, करनाल: उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि श्रमिक ई-श्रम कार्ड बनवाने के लिए अटल सेवा केंद्र पर जाकर स्वयं को पंजीकृत करें। यह कार्ड पूरे भारत में मान्य होगा। इसके अलावा श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना पीएमएसबीवाई के तहत दुर्घटना बीमा योजना कवरेज, विभिन्न प्रकार के सामाजिक सुरक्षा लाभों का वितरण भी ई-श्रम के द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्ड से आपदा या महामारी जैसी कठिन परिस्थितियों में केंद्र और राज्य सरकारों से मदद प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। दुर्घटना से हुई मृत्यु अथवा स्थाई रूप से विकलांग होने पर दो लाख, आंशिक रूप से विकलांग होने पर एक लाख रुपये अनुदान राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस के लिए पंजीकरण करवाने के लिए अधिक से अधिक श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।

डीसी ने बताया कि सरकार श्रमिकों के उत्थान को लेकर गंभीर है और इनके विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ई-श्रम पोर्टल पर निर्माण श्रमिक, खेतीहर मजदूर, दिहाड़ीदार मजदूर, बढ़ई, प्रवासी मजदूर, मनरेगा वर्कर, आटो चालक, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, घरेलू कामगार, दूध बेचने वाले, बिजली मिस्त्री, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता, कारीगर, बुनकर, पलंबर व अन्य संगठित क्षेत्र के मजदूर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण करने के लिए कामगार की आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। श्रमिक ईपीएफओ और ईएसआईसी या एनपीएस का सदस्य तथा कामगार आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसके लिए कामगार स्वयं पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के समय श्रमिक को अपना आधार कार्ड, बैंक अकाउंट पासबुक तथा मोबाईल नंबर जो आधार के साथ जुड़ा हो रखना अनिवार्य है।

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