संवाद सहयोगी, असंध : विधायक बख्शीश सिंह के पुत्र हरप्रीत सिंह पर जानलेवा हमला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। इसलिए सात माह बाद भी मधुबन पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश नहीं किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उनको गलत मामले में फंसाया गया है। बेकसूर होते हुए भी वह सजा काटकर आए हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मामले की जांच निष्पक्ष रूप से करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पुलिस को चाहिए कि उन्हें झूठे केस में फंसाने के लिए हरप्रीत सिंह व हरमिद्र सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

क्या है मामला

डेरा गुजराखिया निवासी हीरा सिंह ने बताया कि वह 7 अक्टूबर 2018 वह सफीदों फिल्म देखने गए हुए थे। वहां पर विधायक पुत्र हरप्रीत सिंह भी आ गए। फिल्म देखने के बाद मामूली कहासुनी हुई थी। यह घटना वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई थी। हरमिद्र व हरप्रीत सिंह ने झूठी शिकायत सफीदों थाने में दे दी। जिसमें उन्होंने हमारे ऊपर जान से मारने व गोली चलाने के आरोप लगाए। जींद पुलिस ने जांच के बाद मामले को झूठा करार दिया था। असंध विधायक ने इस केस को जबरदस्ती असंध थाने में ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद इस केस को मधुबन क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करा दिया गया। कोर्ट में पेश कर दिया गया व लगभग एक महीने बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। अब इस केस को लगभग सात महीने होने वाले हैं। राजनीतिक दबाव के चलते अब तक पुलिस ने चालान भी कोर्ट में पेश नहीं किया है। हीरा सिंह ने मामले की शिकायत सीएम विडो, पीएमओ इंडिया, हरियाणा मानव अधिकार आयोग, सीएमओ हरियाणा, मधुबन पुलिस अकादमी के डायरेक्टर को दी है। इस मौके पर डेरा गुजराखिया निवासी गुलाब सिंह, गुरलाल सिंह, अमरीक सिंह, गुरजंट सिंह, नौछाबर सिंह, हरविद्र सिंह, गुरलाल सिंह मौजूद थे।

मामले की गहना से चल रही जांच : रामजीत सिंह

मधुबन क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रामजीत सिंह का कहना है कि वह मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं जब कार्रवाई पूरी हो जाएगी तो चालान भी कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। किसी प्रकार का कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। अभी हम सिर्फ इतना कह सकते हैं कि मामले की जांच की जा रही है।

Posted By: Jagran

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