जागरण संवाददाता, करनाल : डिजिटल इंडिया-पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम के तहत 15 अगस्त तक जिला की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित पांच-पांच सरकारी भवनों में वाई-फाई कनेक्शन दिए जाएंगे। यह कार्य कॉमन सर्विस सेंटर-ई-गवर्नेंस सर्विसे•ा इंडिया लिमिटेड एजेंसी की ओर से किया जा रहा है। इसमें कुल 1500 कनेक्शन दिए जाएंगे। वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला विकास समन्वय व निगरानी समिति (दिशा) को लेकर आयोजित तिमाही बैठक में केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीसी निशांत यादव ने यह जानकारी दी। बैठक में एडीसी अशोक बंसल की ओर से प्रस्तुत करीब दो दर्जन स्कीमों पर रिव्यू किया गया।

बैठक में डीसी ने ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा, बिजली, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, फसल बीमा योजना, जल जीवन योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा मनरेगा जैसे विभागों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एमपी लैड के तहत जितने भी कार्य हैं, उनके यूटिलाईजेशन सर्टिफिकेट भिजवाएं। जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करें, कोई भी कार्य अधूरा ना छोड़ा जाए। सीईओ जिला परिषद व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में जो कार्य अधूरे पड़े हैं, उन्हें मनरेगा के तहत पूरे करवाएं। गांवों में खेल के मैदान, व्यायामशाला और उनमें पार्कों के कामों को प्राथमिकता पर लें। पौंड यानि तालाबों की मेंटेनेंस सुनिश्चित हो। जिन गांवों में सेनेटरी कॉम्पलैक्स बने हुए हैं, उनके रख-रखाव के लिए ग्राम पंचायतें सफाईकर्ताओं से सफाई करवाना सुनिश्चित करें।

जिला राजस्व अधिकारी से कहा कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉड्रनाइजेशन प्रोग्राम के तहत ऑफलाइन जमाबंदियों को ऑनलाइन करने का कार्य चल रहा है, जो काम अभी पेंडिग है, उसे पूरा करें। म्यूटेशन यानि इंतकाल के सभी पेंडिग कार्यों को भी पूरा कर लिया जाए। जिन गांवों में ग्राम सचिवालयों के अंदर वीएलई नही हैं, वहां विलेज लेवल एंटरप्रोन्योर को बैठाना सुनिश्चित किया जाए। सिविल सर्जन ने बताया कि जिला में एंबुलेटिड लाइफ स्पोर्ट वैन की आवश्यकता है, इस पर उपायुक्त ने बताया कि वे एमपी लैड स्कीम से इसकी व्यवस्था करवाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग की स्कीमों की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में 1479 आंगनबाड़ियों के जरिए जून का गेहूं, चावल जैसा सूखा राशन 6 महीने से 6 वर्ष तक आयु के बच्चों, गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली माताओं के लिए वितरित किया गया। जुलाई में भी एक पखवाड़े का राशन उपरोक्त सभी को घर-घर जाकर वितरित किया जा चुका है, जबकि मास के दूसरे पखवाड़े का राशन वितरित किया जा रहा है। इसमें 56 हजार 276 बच्चे, 9 हजार 324 गर्भवती महिलाएं तथा 9 हजार 109 स्तनपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं।

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