जागरण संवाददाता, करनाल :

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में वन महोत्सव (हर मेड़ पर पेड़) कार्यक्रम की शुरूआत की गई। महोत्सव कार्यक्रम वृक्षारोपण और जागरूकता के लिए शुरू किया गया। संस्थान के निदेशक डा. प्रबोध चंद्र शर्मा ने पौधारोपण कर इस अभियान को गति दी।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा देश में 10 लाख पौधे लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। संस्थान के विभिन्न प्रक्षेत्रों तथा कैंपस क्षेत्र में 300 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। सजावटी एवं औषधीय पौधों में मुख्यत: बड़, पीपल, नीम, शीशम, अशोक, पुतरनजीवा व पाम आदि शामिल रहे। मुख्यातिथि डा. प्रबोध चंद्र शर्मा ने कहा कि वृक्षों का जीवन में बहुत महत्व है। वन महोत्सव संस्थान में हर वर्ष मनाया जाता है दिन-प्रतिदिन प्रदूषण और वैश्विक तापमान बढ़ रहा है जिसे नियंत्रित करने में वनों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। उनकी उचित देखभाल भी करनी चाहिए। एक व्यक्ति को कम से कम सात पौधे लगाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के कारण भारत में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में वृक्ष कट जाते हैं। पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचता है। हमें पर्यावरण के लिये अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। फिलीपींस में डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम 10 पौधे लगाना अनिवार्य है। भारत में भी इस दिशा में प्रयास होना चाहिए। लोगों में जागरूकता की कमी है। हमें अपने आस-पास के व्यक्तियों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करते रहना होगा। विज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण को भी बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि लगाए जा रहे पौधो का संरक्षण एवं रख-रखाव उचित ढंग से किया जाना चाहिए।