-कोरोना पॉजिटिव होने के बाद करनाल जेल से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल अस्पताल में करवाया था दाखिल

-अस्पताल से आरोपित महिला के फरार होने पर दो महिला कांस्टेबल कविता और रजनी पर केस दर्ज फोटो 11

जागरण संवाददाता, करनाल

हनी ट्रैप मामले की आरोपित कोरोना पॉजिटिव महिला कल्पना चावला राजकीय मेडिकल अस्पताल से फरार हो गई। संक्रमित होने के बाद उसे जिला जेल से अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। महिला के फरार होने के मामले में दो महिला कांस्टेबल की लापरवाही सामने आई है। दोनों कांस्टेबल कविता व रजनी पर ड्यूटी में कोताही बरतने का केस दर्ज किया है। दूसरी ओर इस मामले से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। चार सितंबर को पानीपत के बिझौल गांव निवासी महिला को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में दाखिल कराया गया था। इसी दिन दोपहर करीब तीन बजे वह अस्पताल से फरार हो गई। उसकी सुरक्षा के मुद्देनजर दो महिला कांस्टेबल भी तैनात की गईं थी। वह अस्पताल के स्टाफ व सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गई। महिला कांस्टेबल ने आरोपित को कमरे में देखा तो वह नदारद थी। उन्होंने इसकी सूचना मेडिकल स्टाफ को दी। हनी ट्रैप में नामजद होने के साथ-साथ यह महिला कोरोना से भी संक्रमित थी। लिहाजा पुलिस की चिता बढ़ी हुई है क्योंकि यह महिला दूसरों को भी संक्रमित कर सकती है। महिला की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर रवाना कर दी गई, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है। महिला के संभावित ठिकानों पर पुलिस छामपारी कर रही है। इस मामले में थी जेल में बंद

बिझौल गांव निवासी आरोपित कोरोना संक्रमित महिला ने आरोप लगाया था कि सनौली थाना पुलिस के हवलदार और इसी क्षेत्र के दो दुकानदारों ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाया और सनौली में उसके साथ दुष्कर्म किया। सनौली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया था। हालांकि आरोपितों को नहीं पकड़ा। इस बीच, महिला ने आरोपितों से समझौते की एवज में रुपये मांगने शुरू कर दिए। केस वापस लेने के लिए 30 लाख रुपये की डिमांड की थी। आरोपित महिला को पुलिस जांच में गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद उसे जेल लाया गया। वर्जन

सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव गौड़ का कहना है कि महिला की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। उसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वर्जन

केसीजीएमसीएच के निदेशक डा. जगदीश चंद्र दुरेजा ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव महिला फरार हुई है। जहां तक ऐसे मामलों में निगरानी रखने का सवाल है तो वह पुलिस का काम है। कमरे के बाहर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी होती है। उन्हीं को यह देखना होता है। पहले भी फरार होने के एक-दो मामले आए थे। मेरा मानना है कि यह पुलिस से जुड़ा मामला है, उन्हें निगरानी रखनी होती है। हमारा काम मरीजों की सेवा करना है, उन्हें सही तरीके से उपचार देना है।

Edited By: Jagran