संवाद सहयोगी, घरौंडा:

गांव कल्हेड़ी की एससी चौपाल का निर्माण अधर में लटका हुआ है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद समाज के लोग चौपाल की सुविधा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। निर्माणाधीन इमारत ग्रामीणों का मुंह चिढ़ा रही है। समाज के लोग शासन-प्रशासन से चौपाल का निर्माण पूरा करवाने की मांग कर चुके है लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। इसे लेकर समाज के लोगों में रोष है।

लोगों का कहना है कि ग्रांट के पैसे में अभी तक सिर्फ ढांचा ही खड़ा किया जा सका है जबकि अन्य कार्य के लिए ग्रांट नहीं मिली है। कई महीने बीत चुके हैं लेकिन निर्माण के लिए ग्रांट नहीं आई। इसे देखते हुए कल्हेड़ी के ग्रामीणों ने एससी चौपाल के जीर्णोद्धार की मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि गांव में सरकारी परियोजना के तहत एससी चौपाल के लिए पांच लाख 13 हजार रुपये की ग्रांट पंचायत के पास पहुंची थी। चौपाल का बरामदा बड़ा करके ऊपर लेंटर डाल दिया गया लेकिन बिल्डिग के प्लस्तर तक ही ग्रांट खत्म हो गई। अब फर्श, टाइल्स, सीढि़यों व पेंट के लिए कोई ग्रांट नहीं आया। काम अधूरा रह गया और समाज के लोगों ने बीते जून माह में बीडीपीओ को पंचायत के मार्फत पत्र लिखकर ग्रांट की मांग की ताकि कार्य पूरा हो सके। लेकिन करीब सात माह का समय बीत चुका है, शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों पर कितना ध्यान देता है।

ग्रामीण राजेश, मुकेश, पवन कुमार रंगा, धनपत रंगा, कृष्ण कुमार, लखमी चंद व अन्य का कहना है कि जब चौपाल का काम शुरू हुआ था तो उम्मीद जगी थी कि उनको उठने बैठने के लिए सुविधाजनक स्थान मिल पाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। काम अधूरा है। अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। शासन-प्रशासन इस पर ध्यान दे। वर्जन

कल्हेड़ी गांव की एससी चौपाल के लिए अभी तक कोई ग्रांट नहीं आई। जैसे ही ग्रांट आएगी तो चौपाल का निर्माण कार्य पूरा कराएंगे। अजमेर सिंह, ग्राम सचिव

Edited By: Jagran