जागरण संवाददाता करनाल

आखिरकार बार्डर पर यूपी से आ रहे धान को रोकने के लिए नाके लग ही गए हैं। पुलिस, खाद्य आपूर्ति विभाग और मार्केट कमेटी के अधिकारी दिन रात यहां यूपी से आ रहे वाहनों की जांच के काम में जुट गए हैं। कोशिश यहीं है कि यूपी से आ रहे धान को यहां आने से रोका जा सके। ध्यान रहे दैनिक जागरण ने यह मामला उठाया था। इसके बाद ही सरकार ने यह निर्देश दिए थे। सरकार के निर्देश के बाद भी स्थानीय प्रशासन नाके नहीं लगा रहा था, लेकिन मामला सुर्खियों में आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया है। खाद्य आपूर्ति अधिकारी कुशल बूरा ने बताया कि नाके तो पुलिस की ओर से लगाए गए हैं। उनके विभाग की ओर से एक-एक इंस्पेक्टर वहां पर शिफ्ट में ड्यूटी दे रहा है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले धान को रोकने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। इन नाकों का अब क्या फायदा

इधर, यूथ फॉर चेंज के अध्यक्ष एडवोकेट राकेश ढुल ने कहा कि अब नाकों का क्या फायदा। यूपी से जितना धान आना था वह तो आ ही गया है। अब तो दिखावा भर की कार्यवाही हो रही है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से यूपी से धान लेकर आ रहे ट्रकों की एक लिस्ट सीएम को भेजी है। इसके साथ ही ऐसे अधिकारियों को भी चिह्नित किया है, जो धान माफिया से मिले हुए हैं। इस पर यदि सरकार एक्शन लेगी तो कम से कम 200 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आएगा। उन्होंने इस बार धान खरीद की विजिलेंस से जांच की भी मांग की है। लोग भी हुए जागरूक, दे रहे दैनिक जागरण को जानकारी

भले ही स्थानीय प्रशासन धान पर सुस्त रवैया अपना रहा हो। लेकिन दैनिक जागरण को लगाकर स्थानीय लोग इस बात की जानकारी दे रहे हैं। शनिवार को जागरण के पाठक अशोक व सतीश ने जानकारी दी कि उनके क्षेत्रों के राइस मिल में कम से कम 20 ट्रक राजस्थान और यूपी से आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस बाबत मार्केट कमेटी और डीएफएससी विभाग को फोन किया, लेकिन कोई नहीं आया।

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